
अकरम खान की रिपोर्ट।
नई दिल्ली।भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लंबे समय से लंबित है, लेकिन अब पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज होती दिख रही है। रविवार को बीजेपी ने बड़ा फैसला लेते हुए बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की है।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का मतलब है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन तक नितिन नवीन पार्टी की कमान संभालेंगे और मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा की जिम्मेदारियां निभाएंगे। आमतौर पर चुनाव से पहले संगठन को मजबूती देने के लिए कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की जाती है, जिसे अध्यक्ष पद की दिशा में एक अहम कदम माना जाता है। बीजेपी में परंपरागत रूप से कार्यकारी अध्यक्ष को ही बाद में पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाया जाता रहा है।
पीएम मोदी ने दी बधाई..
नितिन नवीन की नियुक्ति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि नितिन नवीन ने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। वे युवा, परिश्रमी और संगठनात्मक अनुभव से भरपूर नेता हैं। बिहार में विधायक और मंत्री के रूप में उनका कार्य प्रभावी रहा है और उन्होंने जनआकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा से काम किया है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनकी ऊर्जा और प्रतिबद्धता पार्टी को और अधिक सशक्त बनाएगी।
कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका क्या होती है..
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन नए अध्यक्ष के चुनाव तक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगे। संगठनात्मक निर्णय, चुनावी रणनीति और पार्टी के दैनिक कार्यों में उनकी भूमिका अहम होगी।

कौन हैं नितिन नवीन..
नितिन नवीन बिहार सरकार में पथ निर्माण एवं नगर विकास मंत्री हैं। वे पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। नितिन नवीन कायस्थ समाज से आते हैं और वर्तमान बिहार मंत्रिमंडल में इस समाज से वे इकलौते मंत्री हैं।
उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी भाजपा के वरिष्ठ और कद्दावर नेता रहे हैं। पिता के निधन के बाद नितिन नवीन ने उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पहचान बनाई है। पार्टी में उन्हें सबसे युवा और सक्रिय नेताओं में गिना जाता है।



