
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा के साथ अकरम खान की रिपोर्ट।
अजमेर। सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स की औपचारिक शुरुआत के तहत कल बुलंद दरवाजे पर उर्स का झंडा चढ़ाया जाएगा। परंपरा के अनुसार इस ऐतिहासिक रस्म को निभाने के लिए भीलवाड़ा का गौरी परिवार अजमेर पहुंच चुका है।

झंडा चढ़ाने की रस्म से पहले कल शाम दरगाह कमेटी गेस्ट हाउस से गाजे-बाजे के साथ पारंपरिक जुलूस निकाला जाएगा, जो दरगाह शरीफ पहुंचकर बुलंद दरवाजे पर समाप्त होगा।
इस दौरान बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए जायरीन मौजूद रहेंगे और सूफियाना माहौल में अकीदत के साथ रस्म अदा की जाएगी।
उर्स के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है।
चांद दिखने के अनुसार उर्स की विधिवत शुरुआत 21 या 22 तारीख से होगी।
उर्स के दौरान जियारत, महफिल-ए-समा और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें लाखों जायरीन के शामिल होने की उम्मीद है।



