110 चक्कों के ट्रेलर पर 1.8 लाख किलो का शिवलिंग: चेन्नई से चंपारण की ऐतिहासिक यात्रा, रास्ते में उमड़ रही आस्था की भीड़

चेन्नई/चंपारण।
भारत में आस्था, इंजीनियरिंग और संकल्प का अद्भुत संगम इन दिनों सड़कों पर देखने को मिल रहा है। चेन्नई से बिहार के चंपारण के लिए 1 लाख 80 हजार किलो वजनी और 30 फीट ऊंचे विशाल शिवलिंग को 110 चक्कों वाले विशेष ट्रेलर पर ले जाया जा रहा है। यह अनोखी और ऐतिहासिक यात्रा जहां एक ओर तकनीकी कौशल की मिसाल बन रही है, वहीं दूसरी ओर शिवभक्तों की आस्था का महाकुंभ भी सड़कों पर उमड़ पड़ा है।
23 दिन पहले चेन्नई से रवाना, कुल यात्रा 43 दिन की
इस विशेष ट्रेलर के चालक अरुण कुमार ने बताया कि शिवलिंग को लेकर वे 23 दिन पहले चेन्नई से रवाना हुए थे। यात्रा की गति बेहद सावधानी से रखी गई है, क्योंकि शिवलिंग का वजन और ऊंचाई सामान्य परिवहन से कई गुना अधिक है। अनुमान है कि लगभग 20 दिन और लगेंगे, जिसके बाद यह विशाल शिवलिंग बिहार के चंपारण पहुंच जाएगा। इस प्रकार कुल यात्रा करीब 43 दिनों में पूरी होगी।
रास्ते भर श्रद्धालुओं की भीड़, जगह-जगह पूजन-अर्चन
जैसे-जैसे यह शिवलिंग विभिन्न राज्यों और जिलों से होकर गुजर रहा है, लोगों की भीड़ स्वतः ही उमड़ रही है। कहीं सड़क किनारे फूल बरसाए जा रहे हैं, तो कहीं श्रद्धालु धूप-दीप जलाकर पूजन कर रहे हैं। कई स्थानों पर लोगों ने इसे चलते-फिरते दर्शन देने वाले महादेव की संज्ञा दी है। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं—हर वर्ग के लोग इस अद्भुत दृश्य को देखने और पूजा करने के लिए उमड़ रहे हैं।
इंजीनियरिंग का चमत्कार: 110 चक्कों का विशेष ट्रेलर
इतने विशाल और भारी शिवलिंग को ले जाने के लिए 110 पहियों वाला विशेष ट्रेलर तैयार किया गया है। यह ट्रेलर संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ सड़क, पुल और मोड़ों पर भार को समान रूप से वितरित करता है।
विशेष टीम लगातार ट्रेलर की निगरानी कर रही है ताकि सुरक्षा और संरक्षा में कोई चूक न हो।
आस्था और संकल्प की मिसाल
यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक प्रतिमा का स्थानांतरण नहीं, बल्कि भारत की आस्था, श्रद्धा और तकनीकी क्षमता का प्रतीक बन चुकी है। शिवलिंग की यह यात्रा जहां भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव है, वहीं युवाओं के लिए यह इंजीनियरिंग और प्रबंधन कौशल की जीवंत पाठशाला भी बन गई है।
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चंपारण में स्थापना को लेकर उत्साह
बिहार के चंपारण में इस शिवलिंग की स्थापना को लेकर पहले से ही उत्साह और तैयारी शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि शिवलिंग के पहुंचते ही वहां भव्य धार्मिक आयोजन और विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
110 चक्कों के ट्रेलर पर सवार 1.8 लाख किलो का यह शिवलिंग न केवल दूरी तय कर रहा है, बल्कि लाखों दिलों को जोड़ता हुआ आस्था की यात्रा कर रहा है। चेन्नई से चंपारण तक का यह सफर आने वाले समय में धार्मिक और ऐतिहासिक यात्राओं की सूची में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।