विश्व ध्यान दिवस पर जाडन में अनूठा आयोजन, विश्वास मेडिटेशन कैंप में 200 से अधिक साधक ध्यान में लीन।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत/जाडन। विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर जाडन में प्रथम बार निःशुल्क ध्यान साधना शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जाडन स्थित विश्वास फाउंडेशन हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में यह तीन दिवसीय ध्यान शिविर 20 से 22 दिसंबर तक आयोजित हो रहा है। बोमादड़ा रोड स्थित पालीवाल धाम में चल रहे इस विश्वास मेडिटेशन कैंप में 200 से अधिक साधक गहन ध्यान साधना में लीन हैं।

विश्वास मेडिटेशन सेंटर पाली के प्रभारी ऋषि हरीश विश्वास ने बताया कि कड़ाके की सर्दी के बावजूद साधक पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ ध्यान सत्रों में भाग ले रहे हैं। हिमाचल प्रदेश से पधारे ऋषियों के सानिध्य में आयोजित इस संगीतमय ध्यान साधना कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से साधक एवं साध्वियाँ जाडन पहुंचे हैं।
ध्यान से मिलता है मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य
ऋषि हरीश विश्वास ने बताया कि मेडिटेशन मन से परे की अवस्था प्रदान करता है, जिससे तनाव, चिंता, अवसाद, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप एवं हृदय रोग जैसे मानसिक व शारीरिक विकार धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। मेडिटेशन से बुद्धि प्रखर होती है और जीवन में प्रेम, आनंद व सकारात्मकता का संचार होता है।

उन्होंने कहा कि ध्यान मनुष्य का वास्तविक धर्म है, जिससे एकाग्रता एवं स्मरण शक्ति बढ़ती है तथा आचरण और कार्य-व्यवहार में शुद्धता व कुशलता आती है।
गुरु कृपा से उपलब्ध होता है विश्वास मेडिटेशन
ऋषि हरीश विश्वास ने बताया कि विश्वास मेडिटेशन एक स्वतः सिद्ध महाविज्ञान है, जो विश्वास इंटरनेशनल मिशन के संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी की अनुपम देन है। यह कोई व्यावसायिक या प्रशिक्षण आधारित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि गुरु अनुकम्पा के प्रसाद के रूप में साधकों को प्राप्त होती है।
उन्होंने बताया कि विश्वास मेडिटेशन भीतर की ध्यान धारा है, जिसमें किसी बाहरी साधन या माध्यम की आवश्यकता नहीं होती। ध्यान सभी साधनों का आधार है और आत्मा से जुड़ने का माध्यम है।
दिन में तीन सत्रों में हो रही है साधना
तीन दिवसीय इस ध्यान शिविर में प्रतिदिन सुबह, दोपहर एवं शाम तीन ध्यान सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। साधक इन सत्रों के माध्यम से गहन शांति, आत्मिक अनुभूति और संतुलित जीवन का अनुभव कर रहे हैं।
जाडन में आयोजित यह शिविर न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत कर रहा है, बल्कि लोगों को स्वस्थ, सकारात्मक और संतुलित जीवन की दिशा में भी प्रेरित कर रहा है।



