1 फरवरी से बीड़ी-सिगरेट पीना होगा महंगा, तंबाकू उत्पादों पर नई GST दरें लागू, सरकार ने जारी की अधिसूचना

✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
नई दिल्ली | बड़ी खबर
1 फरवरी 2026 से बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला जैसे उत्पाद आम आदमी की पहुंच से और महंगे हो जाएंगे। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम, 2025 को लागू करने और तंबाकू उत्पादों पर नई वस्तु एवं सेवा कर (GST) दरें तय करने संबंधी अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं। ये अधिसूचनाएं बुधवार देर रात जारी की गईं। संसद के शीतकालीन सत्र में उपकर से जुड़ा विधेयक पहले ही पारित हो चुका है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खर्चों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है। अधिनियम के तहत तंबाकू उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और निर्माण प्रक्रिया पर भी उपकर लगाने का प्रावधान किया गया है।
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कहां जाएगा उपकर से मिलने वाला पैसा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपकर से होने वाली आय केंद्र के समेकित कोष (कंसोलिडेटेड फंड) में जमा होगी। इस राशि का उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, नशा-नियंत्रण कार्यक्रमों और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा। शुरुआत में यह उपकर पान मसाला पर लागू किया गया है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर अन्य उत्पादों को भी इसके दायरे में लाया जा सकता है।
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1 फरवरी से लागू होंगी ये नई GST दरें
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, GST परिषद की अनुशंसा पर तंबाकू उत्पादों पर नई दरें तय की गई हैं—
बीड़ी पर GST: 18 प्रतिशत
इन उत्पादों पर GST: 40 प्रतिशत
पान मसाला
गैर-विनिर्मित तंबाकू और उसका अपशिष्ट
तंबाकू या तंबाकू के विकल्प से बनी सिगरेट
चेरूट, सिगारिलो और सिगार
अन्य विनिर्मित तंबाकू और तंबाकू के विकल्प
बिना दहन (Smokeless) उपभोग के लिए बने तंबाकू उत्पाद
तंबाकू और निकोटीन के विकल्प से बने बिना दहन के उत्पाद
इन नई दरों के लागू होते ही बाजार में सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू और पान मसाला की कीमतों में सीधा इजाफा देखने को मिलेगा।
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कीमतों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, नई GST दरों और अतिरिक्त उपकर के कारण तंबाकू उत्पादों की खुदरा कीमतों में काफी बढ़ोतरी होगी। इससे न केवल उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ेगा, बल्कि तंबाकू सेवन में कमी लाने में भी मदद मिल सकती है। सरकार का मानना है कि महंगाई बढ़ने से युवा वर्ग और नए उपभोक्ताओं को इन उत्पादों से दूर रखने में सहूलियत होगी।
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केंद्र सरकार का शानदार फैसला
केंद्र सरकार के इस कदम को स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने सराहा है। उनका कहना है कि तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और ऊंची GST दरें लगाने से कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के मामलों में लंबे समय में कमी आ सकती है।
एक फरवरी से लागू होने वाले नए टैक्स के बाद सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी और सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खर्चों के लिए अतिरिक्त संसाधन भी प्राप्त होंगे।



