
जयपुर।
राजस्थान के घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए नए साल की बड़ी राहत आई है। राजस्थान विद्युत नियामक आयोग ने इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड एंड कनेक्टेड मैटर्स रेगुलेशंस–2021 में संशोधन करते हुए कटे हुए बिजली कनेक्शनों को पुन: जोड़ने की अवधि बढ़ाने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब कटे हुए घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन 5 साल तक, जबकि औद्योगिक कनेक्शन 2 साल तक दोबारा जोड़े जा सकेंगे।
जयपुर डिस्कॉम के वरिष्ठ अभियंता इस व्यवस्था को उपभोक्ताओं के लिए राहतकारी मान रहे हैं। आदेश लागू होते ही डिस्कॉम प्रबंधन जल्द ही फील्ड इंजीनियरों को औपचारिक निर्देश जारी करेगा, ताकि प्रदेशभर में इसका क्रियान्वयन शुरू हो सके।
🔹 नई शर्त से बढ़ सकती है उपभोक्ताओं की जेब पर मार
हालांकि राहत के साथ आयोग ने एक अतिरिक्त शर्त भी जोड़ी है। आदेश के अनुसार—
यदि कनेक्शन कटने के बाद उस क्षेत्र से बिजली का पोल या ट्रांसफॉर्मर हटा दिया गया है, तो
👉 उसे दोबारा लगाने का पूरा खर्च उपभोक्ता को ही वहन करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शर्त उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती है, खासकर उन लोगों पर जिनके कनेक्शन लंबे समय से कटे हुए हैं।
🔹 बकाया बिल वसूली के लिए नया प्रावधान
संशोधन आदेश में बिजली बिलों के बकाया को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है।
अब यदि कोई मकान खरीदा गया है और उसके लिए नया कनेक्शन लिया जाता है, तो—
👉 पहले के मालिक का बकाया बिजली बिल नए मालिक या कब्जेदार से भी वसूला जा सकेगा।
जयपुर शहर के कई सब-डिवीज़न में स्थायी रूप से काटे गए कनेक्शनों की सूची तैयार कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर बिजली विभाग की टीम जब बकाया वसूली नोटिस देने पहुंची तो लोगों ने बकाया मानने से इनकार किया, जिससे बहस की स्थितियां बनीं।
🔹 क्या बदलेगा आम उपभोक्ता के लिए?
✔ पुराने कटे कनेक्शन फिर से शुरू कराने का बढ़ा मौका
✔ बिजली सप्लाई पुन: शुरू कराने की प्रक्रिया आसान
✔ लेकिन पोल/ट्रांसफॉर्मर हटने पर खर्च देना पड़ेगा
✔ प्रॉपर्टी खरीदने वालों को पहले बिजली बकाया जरूर जांचना होगा
यह आदेश लाखों उपभोक्ताओं को राहत देता है, लेकिन साथ ही जिम्मेदारी भी बढ़ाता है। आने वाले दिनों में डिस्कॉम के नए निर्देशों के बाद प्रदेशभर में इसका असर साफ दिखाई देगा।
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा



