सोजत में सामाजिक समरसता की सराहना, गोविन्द गिरी जी महाराज का सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मान कर आशिर्वाद प्राप्त किया।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। किसी भी स्वस्थ शहर की पहचान वहाँ के नागरिकों की सुसंस्कृत भाषा, विचारधारा और सामाजिक समन्वय से होती है। सोजत की सामाजिक संस्थाओं के बीच आपसी सामंजस्य एवं रचनात्मक सोच इस नगर के आध्यात्मिक परिवेश को दर्शाती है।

उक्त विचार अंतर्राष्ट्रीय संत एवं श्रीराम जन्मभूमि निर्माण ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविन्द गिरी जी महाराज ने सोजत की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

इस अवसर पर सभी सामाजिक संस्थाओं की ओर से समाजसेवी अनोप सिंह लखावत की अगुवाई में महाराज श्री का पुष्पहार, साफा एवं शॉल पहनाकर सम्मान किया गया।

वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष सुरेश ओझा ने कहा कि महाराज श्री के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही कथा का पुण्य लाभ सभी को प्राप्त हो रहा है।

पेंशनर समाज के अध्यक्ष लालचंद मोयल ने कहा कि संतों के चरण और आचरण दोनों ही समाज के लिए उपयोगी होते हैं। वहीं सोजत सेवा मंडल के मंत्री पुष्पतराज मुणोत ने कहा कि संत समाज की धड़कन होते हैं और उनके विचार समाज को सही दिशा देते हैं।

कार्यक्रम में अभिनव कला मंच के सचिव चेतन व्यास, वरिष्ठ नागरिक समिति के कोषाध्यक्ष हितेन्द्र व्यास, शारीरिक शिक्षक संघ के संरक्षक सत्तुसिंह भाटी,रामस्वरूप भटनागर, जुगल दवे, अशोक सेन, महेन्द्र माथुर, कैलाश दान चारण सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



