उप कारागृह सोजत में विधिक सहायता क्लिनिक का निरीक्षण,जिला न्यायाधीश ने कहा– कोई भी बंदी कानूनी मदद से वंचित न रहे।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। उप कारागृह, सोजत में स्थापित विधिक सहायता क्लिनिक का आज दिनांक 31/1/26 शनिवार को जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार के नेतृत्व में निरीक्षण किया गया। उनके साथ सचिव विक्रम सिंह भाटी (अपर जिला न्यायाधीश) एवं ऋचा चौधरी (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) पाली भी मौजूद रहे।
निरीक्षण एस.ओ.पी. के निर्देशों के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को प्रभावी विधिक सहायता उपलब्ध कराना रहा। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने क्लिनिक में उपलब्ध सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया तथा बंदियों से संवाद कर उनके मामलों एवं सजा अवधि की जानकारी ली।
जिला न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार ने निर्देश दिए कि जिन बंदियों ने अधिकतम दंड वाली धारा की सजा अवधि का एक-तिहाई भाग पूर्ण कर लिया है, उनकी सूचना तत्काल न्यायालय अथवा विधिक सेवा समिति को भेजी जाए। उन्होंने विशेष रूप से किशोर बंदियों के मामलों में संवेदनशीलता और सतर्कता बरतने पर जोर दिया, ताकि उनके कानूनी अधिकारों की पूरी तरह रक्षा हो सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी बंदी विधिक सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए। विधिक सहायता क्लिनिक बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इसके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर जेलर धर्मपाल डूडी, मदन मीणा, रणजीत सिंह सहित तालुका विधिक सेवा समिति के स्टाफ धर्मेन्द्र, कन्हैयालाल, सांवल प्रभात व्यास एवं गोविन्द मीणा उपस्थित रहे।



