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सोजत (पाली). राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल शीतला माता मंदिर सोजत में शीतला सप्तमी के अवसर पर कल भव्य मेले का आयोजन होगा। यह मेला सोजत नगर पालिका के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि राजस्थान में शीतला सप्तमी पर सबसे लंबा 8 दिन का मेला सोजत में ही भरता है, जिसमें दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचते हैं।
*गेरे और नाचती बढ़ाएंगी मेले की शोभा*
मेले के दौरान पारंपरिक गेरे नृत्य मुख्य आकर्षण रहेगा। सोजत नगर पालिका द्वारा मेले में आने वाले 10 से अधिक गेरे दलों का स्वागत किया जाएगा। रंग-बिरंगी वेशभूषा में कलाकारों की नाचती कुर्तियां और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पूरे मेले के वातावरण को उत्साह और उल्लास से भर देंगी। यह सांस्कृतिक परंपरा वर्षों से सोजत मेले की पहचान बनी हुई है।
*हजारों श्रद्धालुओं की रहती है आवाजाही*
शीतला माता के इस मेले में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। आसपास के गांवों के अलावा पाली, जोधपुर, मारवाड़ क्षेत्र और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालु माता के मंदिर में पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
*मेले से मिलता है हजारों लोगों को रोजगार*
यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मेले के दौरान सैकड़ों अस्थायी दुकानें, झूले, खिलौनों, मिठाइयों और खान-पान के स्टॉल लगते हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलते हैं। स्थानीय व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के लिए यह मेला साल का सबसे बड़ा व्यापारिक अवसर बन जाता है।
*प्रशासन और नगर पालिका की तैयारियां पूरी*
सोजत नगर पालिका द्वारा मेले को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी और सुरक्षा की विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सोजत का शीतला सप्तमी मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और लोक उत्सव का अनोखा संगम माना जाता है, जहां आठ दिनों तक भक्ति, लोकनृत्य और मेले की रौनक देखने को मिलती है।



