
सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा

सोजत। शीतला सप्तमी के अवसर पर सोजत शहर में आयोजित सात दिवसीय पारंपरिक मेले का मुख्य आयोजन मंगलवार को श्रद्धा, उत्साह और परंपरा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर शहर का वातावरण धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति से सराबोर नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ शीतला माता मंदिर की ओर उमड़ने लगी और पूरे दिन मेले में उत्साह का माहौल बना रहा।
मेले के मुख्य दिन महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मंगल गीत गाते हुए शीतला माता को विशेष भोग अर्पित किया। माताजी के दरबार में महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और मंगल गान से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इसी दौरान शहर के विभिन्न समाजों की ओर से पारंपरिक गेर निकाली गई। गेर में शामिल युवक चंग और ढोल की थाप पर लोकगीतों के साथ नाचते-गाते हुए शहर के मुख्य बाजार से होते हुए शीतला माता मंदिर पहुंचे। गेर के दौरान चौधरियों और युवाओं ने गुलाल उड़ाकर उत्सव का माहौल बना दिया, जिससे पूरा बाजार रंगों और उत्साह से सराबोर नजर आया।
गेर यात्रा के मार्ग में कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और व्यापारियों द्वारा स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं को ठंडाई, पानी और प्रसाद वितरित किया गया। रास्ते भर लोग छतों और दुकानों से गेर का स्वागत करते दिखाई दिए, जिससे मेले का माहौल और भी जीवंत बन गया।
सात दिवसीय मेले में शहर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मेले में जगह-जगह दुकानें, झूले और खाने-पीने के स्टॉल लगे हुए हैं, जहां लोगों की भीड़ उमड़ रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी मेले का आनंद लेते नजर आए।
मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस का जाप्ता तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी मेले के प्रमुख मार्गों और मंदिर परिसर में तैनात रहकर व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी समय-समय पर व्यवस्थाओं का जायजा लेकर मेले को सुचारु रूप से संचालित कराने में जुटे हुए हैं।
इस अवसर पर सोजत नगर पालिका द्वारा मेले में शामिल सभी गेरों का स्वागत करते हुए उन्हें झंडा और गुड़ प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। नगर पालिका के इस सम्मान से गेर में शामिल युवाओं और समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक यह सात दिवसीय मेला सोजत की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का संदेश देता है। मेले के मुख्य आयोजन के साथ ही शहर में भक्तिभाव और उत्सव का माहौल देर रात तक बना रहा।



