✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
जयपुर। राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 7 जून तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। इसके कारण कई शहरों में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
कई जिलों में बदला मौसम, गर्मी से राहत
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है। जयपुर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, झालावाड़ सहित कई जिलों में मौसम ने करवट ली है। बादलों और बारिश के कारण तापमान में 3 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिली है।
जहां कुछ दिन पहले लोग भीषण गर्मी और लू से परेशान थे, वहीं अब सुबह और शाम के समय मौसम सुहावना हो गया है। किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी।
60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों में तेज आंधी के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
विशेष रूप से उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के जिलों में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। आंधी और बिजली चमकने के समय खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने को कहा गया है।
मानसून को लेकर बढ़ी उम्मीदें
केरल में मानसून की शुरुआत के बाद राजस्थान में भी मानसून के आगे बढ़ने की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो जून के दूसरे पखवाड़े में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून की दस्तक देखने को मिल सकती है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने तथा आमजन तक समय पर मौसम संबंधी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियों ने गर्मी का असर काफी हद तक कम कर दिया है। हालांकि तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावनाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। मौसम विभाग का 7 जून तक का अलर्ट प्रदेशवासियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।