✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
देशभर के किसानों और आमजन के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज आधिकारिक रूप से केरल में दस्तक दे दी है और इसके साथ ही भारत में वर्ष 2026 के मानसून सीजन की शुरुआत हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार केरल, तटीय कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
हालांकि इस बार मानसून सामान्य तिथि से करीब तीन दिन देरी से केरल पहुंचा है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए पश्चिमी भारत और राजस्थान तक पहुंचेगा।
सोजत और पाली जिले में कैसी रहेगी बारिश?
पाली जिले के सोजत क्षेत्र के किसानों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार मानसून कमजोर रहेगा या अच्छी बारिश होगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल पूरे देश के लिए मानसूनी वर्षा सामान्य से कुछ कम रहने का अनुमान जताया गया है। IMD और अन्य मौसम एजेंसियों ने जून माह में देशभर में औसत से कम वर्षा की संभावना व्यक्त की है।
फिर भी राजस्थान के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में मानसून के दौरान कई बार स्थानीय सिस्टम सक्रिय होने पर अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। पिछले कुछ वर्षों के मौसम पैटर्न को देखते हुए यह देखा गया है कि पश्चिमी राजस्थान में कम दिनों में भारी बारिश के दौर बढ़े हैं।
कब पहुंचेगा मानसून सोजत?
मौसम विभाग के सामान्य मानसून ट्रैक के अनुसार मानसून जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह के बीच पाली जिले और सोजत क्षेत्र तक पहुंच सकता है। यदि अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाएं मजबूत रहती हैं तो सोजत में मानसून समय पर दस्तक दे सकता है। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मानसून की गति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
किसानों के लिए क्या संकेत?
सोजत क्षेत्र मेहंदी, जीरा, मूंग, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों के लिए प्रसिद्ध है। अच्छी मानसूनी बारिश होने पर किसानों को फसलों में फायदा मिलेगा और भूजल स्तर में भी सुधार होगा। वहीं यदि बारिश सामान्य से कम रहती है तो सिंचाई पर निर्भरता बढ़ सकती है।
सोजत के लिए शुरुआती अनुमान
मौजूदा मौसम संकेतों के आधार पर कहा जा सकता है कि:
– मानसून सोजत में जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंच सकता है।
– पूरे सीजन में बारिश सामान्य से थोड़ी कम या सामान्य के आसपास रहने की संभावना है।
– जुलाई और अगस्त में एक-दो बार भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
– किसानों को बुवाई से पहले स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
मौसम विभाग की सलाह
IMD ने किसानों और आमजन को सलाह दी है कि वे आगामी दिनों में जारी होने वाले जिला स्तरीय मौसम पूर्वानुमानों पर ध्यान दें। मानसून की प्रगति के साथ राजस्थान में भी आंधी, तेज हवाएं और प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
फिलहाल केरल में मानसून की एंट्री के साथ देशभर में बारिश के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और अब सोजत सहित पूरे पाली जिले के किसान मानसून की अच्छी बरसात का इंतजार कर रहे हैं।