केंद्र सरकार ला रही V2V कम्युनिकेशन सिस्टम, 2028 से नई गाड़ियों में लागू करने की तैयारी,अब सड़क पर एक-दूसरे से ‘बात’ करेंगी गाड़ियां, हादसों पर लगेगी लगाम

सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
नई दिल्ली, 30 जुलाई 2026। देश में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सड़क सुरक्षा को नई तकनीक से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार नई गाड़ियों में Vehicle-to-Vehicle (V2V) Communication System लागू करने की योजना पर काम कर रही है। इस अत्याधुनिक तकनीक के जरिए वाहन आपस में रियल टाइम में संवाद कर सकेंगे और एक-दूसरे को अपनी स्थिति, गति तथा दिशा जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भेजेंगे।

प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2028 से बाजार में आने वाली नई गाड़ियों में V2V सिस्टम अनिवार्य किया जा सकता है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

क्या है V2V कम्युनिकेशन सिस्टम?

Vehicle-to-Vehicle (V2V) एक आधुनिक वायरलेस तकनीक है, जिसमें सड़क पर चल रहे वाहन आपस में लगातार डिजिटल रूप से जुड़े रहते हैं। यह सिस्टम प्रत्येक वाहन की लोकेशन, स्पीड, दिशा, ब्रेक लगाने की स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारियां आसपास चल रहे वाहनों तक तुरंत पहुंचाता है।

यदि किसी वाहन के सामने अचानक कोई खतरा उत्पन्न होता है, तो यह सिस्टम आसपास की गाड़ियों को कुछ सेकंड पहले ही अलर्ट भेज देता है, जिससे चालक समय रहते सावधानी बरत सकता है।

अंधे मोड़ और ब्लाइंड स्पॉट पर मिलेगी चेतावनी

देश में बड़ी संख्या में सड़क हादसे अंधे मोड़, ब्लाइंड स्पॉट, अचानक लेन बदलने, तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग के कारण होते हैं। V2V तकनीक इन परिस्थितियों में पहले से ही चालक को चेतावनी देकर दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम कर सकती है।

मिल सकते हैं कई स्मार्ट अलर्ट

V2V सिस्टम के माध्यम से वाहन चालकों को कई प्रकार की चेतावनियां मिल सकेंगी, जिनमें शामिल हैं—

– आगे अचानक ब्रेक लगाने वाले वाहन की सूचना।
– लेन बदलने वाले वाहन का अलर्ट।
– ब्लाइंड स्पॉट में मौजूद वाहन की जानकारी।
– चौराहे पर संभावित टक्कर की चेतावनी।
– अंधे मोड़ के पीछे आ रहे वाहन की सूचना।
– तेज गति से सामने आ रहे वाहन का अलर्ट।

सड़क सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। चालक को समय रहते खतरे की जानकारी मिलने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी, ट्रैफिक अधिक व्यवस्थित होगा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेना आसान होगा।

आधुनिक तकनीक से लैस होगा भारत का परिवहन

केंद्र सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार नई तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। V2V सिस्टम भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह तकनीक भारत के परिवहन क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

2028 से लागू होने की तैयारी

सरकार के प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2028 से निर्मित नई गाड़ियों में V2V कम्युनिकेशन सिस्टम अनिवार्य किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित मानकों और तकनीकी ढांचे पर कार्य जारी है। यदि यह योजना लागू होती है तो भारत भी उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जहां सड़क सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक वाहन संचार तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।

मुख्य बातें एक नजर में

नई गाड़ियों में आएगा Vehicle-to-Vehicle (V2V) सिस्टम।
– वाहन आपस में स्पीड, लोकेशन और दिशा की जानकारी साझा करेंगे।
– अंधे मोड़ और ब्लाइंड स्पॉट पर पहले से मिलेगी चेतावनी।
– सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मिलेगी मदद।
– वर्ष 2028 से नई गाड़ियों में इसे अनिवार्य करने की तैयारी।यदि चाहें, मैं इसे

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