राकेश भटनागर
जयपुर में रातभर झमाझम बारिश, भरतपुर में 8 इंच तक बरसात; अलवर-करौली में खेत-सड़कें डूबीं, सोजत-पाली में भी बारिश को लेकर अलर्ट
सोजत/पाली/जयपुर। राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार, 7 अगस्त को मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें 5 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जबकि करीब 20 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय नए मौसम तंत्र का प्रभाव आगामी 10 अगस्त तक बने रहने की संभावना है।
राजधानी जयपुर में गुरुवार देर रात करीब 10 बजे से शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज हवा के साथ हुई बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। जयपुर में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश, कई इलाकों में जलभराव
गुरुवार को बने स्थानीय मौसम सिस्टम के कारण पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। भरतपुर, धौलपुर, करौली और अलवर में कई स्थानों पर 8 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई। भारी बारिश के कारण खेतों और सड़कों पर पानी भर गया।
अलवर, भरतपुर और धौलपुर के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह रास्तों पर पानी आने से आवागमन भी प्रभावित हुआ। धौलपुर के सैंपऊ क्षेत्र के गढ़ी गांव में तेज बारिश के कारण तीन मकानों की दीवारें और छत की पट्टियां गिरने की जानकारी सामने आई है।
24 घंटे में कई जिलों में 2 से 8 इंच तक बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान अलवर के गोविंदगढ़ और कठूमर, भरतपुर के भुसावर, बयाना, नगर, सीकरी, पहाड़ी और कुम्हेर, धौलपुर के सरमथुरा, बाड़ी और बसेड़ी, दौसा के सिकराय, करौली के हिंडौन, मासलपुर और सुरौठ तथा सवाई माधोपुर के तलवाड़ा में 2 से लेकर 8 इंच तक बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश हुई।
सोजत-पाली में भी मौसम पर नजर, बारिश की संभावना
सोजत और पाली जिले में भी मानसूनी गतिविधियों को लेकर लोगों की नजर मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर बनी हुई है। प्रदेश में सक्रिय मौसम तंत्र के चलते पाली जिले में भी आगामी दिनों में बादल छाने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
सोजत क्षेत्र में बारिश होने पर किसानों को खरीफ फसलों के लिए राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि यदि कम समय में अत्यधिक बारिश होती है तो खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में किसानों को खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
पाली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का सीधा असर कृषि गतिविधियों पर पड़ता है। मानसून की अच्छी बारिश से खेतों में खड़ी खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है, वहीं लगातार तेज बारिश होने पर निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
सोजत शहर में भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
सोजत शहर में बारिश के दौरान निचले इलाकों, प्रमुख सड़कों और जलभराव वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश होने की स्थिति में वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर अनावश्यक रूप से वाहन नहीं निकालने की सलाह दी जाती है।
स्थानीय प्रशासन और नगर निकाय के लिए भी बारिश के दौरान नालियों की सफाई, जल निकासी और निचले इलाकों में पानी की निकासी व्यवस्था पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
बारिश से तापमान में भी गिरावट
तेज बारिश के कारण पूर्वी राजस्थान में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। अलवर और दौसा में अधिकतम तापमान करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया।
गुरुवार को प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा—
- दौसा — 28.1 डिग्री सेल्सियस
- अलवर — 27.8 डिग्री सेल्सियस
- सिरोही — 27.6 डिग्री सेल्सियस
- प्रतापगढ़ — 28.7 डिग्री सेल्सियस
- डूंगरपुर — 30.6 डिग्री सेल्सियस
- उदयपुर — 31 डिग्री सेल्सियस
बारिश और बादलों के कारण कई जिलों में मौसम में ठंडक घुल गई है और लोगों को गर्मी तथा उमस से राहत मिली है।
10 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में सक्रिय नए मौसम तंत्र का असर 10 अगस्त तक बने रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
सोजत-पाली सहित प्रदेश के बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से नदी-नालों, तेज बहाव वाले रास्तों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना जरूरी है।
किसानों को बारिश से राहत की उम्मीद
मानसून की अच्छी बारिश से सोजत-पाली क्षेत्र के किसानों को खरीफ फसलों के लिए राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को पानी की उपलब्धता होगी। हालांकि लगातार भारी बारिश की स्थिति में जलभराव से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना के बीच अब सभी की नजर मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमान पर है। सोजत और पाली में भी बारिश की गतिविधियों को लेकर लोगों और किसानों में उम्मीद बनी हुई है।





