सोजत: समाज में समरसता हो जिससे कि राष्ट्र मजबूत हो सके, यही स्वामी विवेकानंद के विचारों की मूल भावना थी- सुरेश ओझा

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। वरिष्ठ नागरिक समिति, सोजत के सौजन्य से स्वामी विवेकानंद जयंती सप्ताह के तहत भव्य काव्य- गोष्ठी का आयोजन हुआ।
बिरला इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित कवि-गोष्ठी का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा मंत्रोचार,दीप प्रज्ज्वलन करके किया। सरस्वती वंदना महेश चौहान एवं झिलमिल सांखला ने प्रस्तुत की।
काव्य गोष्ठी समिति अध्यक्ष सुरेश ओझा की अध्यक्षता एवं भामाशाह-समाजसेवी अनौपसिंह लखावत के मुख्य आतिथ्य एवं बिड़ला इंटरनेशनल स्कूल के एमडी मदनलाल गहलोत,पूर्व सीबीओ बसंतकुमार लखावत, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष देवीलाल सांखला एवं कवि उमाशंकर द्विवेदी के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुई।

इस अवसर पर अपने उद्बोधन में वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष सुरेश ओझा ने मंचासीन अतिथियों, कवियों एवं समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि समाज में समरसता हो, जिससे कि राष्ट्र मजबूत हो सके, यही स्वामी विवेकानंद के विचारों की मूल भावना थी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भामाशाह-समाजसेवी अनौपसिंह लखावत ने कहा कि समाज सेवा से बढ़कर कोई सेवा, कोई पुण्य नहीं है। विशिष्ट अतिथि बिड़ला इंटरनेशनल स्कूल के एमडी मदनलाल गहलोत ने संबोधित करते हुए वरिष्ठ नागरिक समिति के समाजोपयोगी रचनात्मक कार्यों और सेवाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक लक्ष्मणराम पालड़िया ने कहा कि समिति के सौजन्य से आयोजित स्वामी विवेकानंद जयंती सप्ताह का समापन एवं मुख्य सम्मान समारोह 12 जनवरी को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,सोजत में आयोजित होगा। जिसमें महाविद्यालय तथा विद्यालय स्तरीय निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान करने के साथ ही समिति के कार्यों में अपनी सराहनीय सेवाएं देने वाले समिति सदस्यों को अतिथियों द्वारा माला,उपरणा एवं उत्कृष्ट कार्यकर्ता सम्मान प्रदानकर सम्मानित किया जाएगा।

काव्य गोष्ठी का शुभारंभ राजेंद्र व्यास की कविता से हुआ। तत्पश्चात कवि हीरालाल आर्य, झिलमिल सांखला, कवि उमाशंकर द्विवेदी, कवि चेतन व्यास, कवि रामस्वरूप भटनागर, कवि-कथाकार डॉ. रशीद गौरी, वरिष्ठ कवि विरेंद्रसिंह लखावत, रुचिर साहित्य समिति के अध्यक्ष कवि बसंत लखावत, वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष सुरेश ओझा ने अपनी प्रतिनिधि रचनाएं प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
युवा कवि भव्य व्यास, शिक्षक किशोर कुमार, छात्रा कुंजल जैन, विधि व्यास ने भी अपनी बेहतरीन काव्य रचनाओं से वाहवाही लूटी। वहीं समिति उपाध्यक्ष सत्यनारायण गोयल ने एक मुक्तक प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। इस अवसर पर सभी कवियों का समिति की ओर से मंचासीन अतिथियों के करकमलों से मोतियों की माला, ऊपरना एवं स्मृति- चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति उपाध्यक्ष हितेंद्र व्यास, शिक्षाविद् केसाराम माहेश, सोहनलाल टांक, सत्तूसिंह भाटी, श्यामलाल परिहार, मोहनलाल राठौड़,अशोक सेन, हरीकिशन गहलोत,ओमप्रकाश मोयल, करणसिंह मोयल सहित कई नागरिकगण उपस्थित थे।
काव्य- गोष्ठी का सरस संचालन वरिष्ठ कवि -कथाकार डाॅ. रशीद ग़ौरी ने किया। अंत में वरिष्ठ कवि उमाशंकर द्विवेदी ने उपस्थित सभी सुधिजनों का आभार व्यक्त किया।



