सोजत/राजस्थान। आज 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो गई है, जो 2 जून तक चलेगा। भारतीय ज्योतिष और मौसम विज्ञान दोनों में नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है। नौतपा का अर्थ होता है “नौ दिनों की तपन”, यानी ऐसे नौ दिन जब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सबसे अधिक प्रभाव डालती हैं और भीषण गर्मी पड़ती है। इस दौरान तापमान तेजी से बढ़ता है और राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में लू का प्रकोप देखने को मिलता है।
विशेषज्ञों के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तभी नौतपा प्रारंभ माना जाता है। इस बार यह अवधि 25 मई से 2 जून तक रहेगी। माना जाता है कि इन नौ दिनों में जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, आने वाले मानसून के लिए उतना ही बेहतर संकेत माना जाता है।
क्यों खास होता है नौतपा?
धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक मौसम विज्ञान के अनुसार नौतपा प्रकृति के संतुलन से जुड़ा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान भी नौतपा को लेकर विशेष नजर रखते हैं, क्योंकि माना जाता है कि यदि नौतपा के दौरान तेज गर्मी पड़े तो बारिश अच्छी होती है और फसलों को लाभ मिलता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय सूर्य की सीधी किरणें धरती पर अधिक पड़ती हैं, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होती है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और दिल्ली जैसे क्षेत्रों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।
राजस्थान में बढ़ेगा तापमान, लू का अलर्ट
राजस्थान में नौतपा के दौरान भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। दिन के समय गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। कई जिलों में हीटवेव यानी लू चलने का खतरा बना हुआ है। दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे सकती हैं और आमजन को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
नौतपा के दौरान बरतें ये सावधानियां
दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें
अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
सिर ढककर बाहर निकलें
खाली पेट धूप में जाने से बचें
तेज धूप में अधिक मेहनत वाले कार्य न करें
धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व
हिंदू धर्म में नौतपा को तप और साधना का समय भी माना जाता है। कई लोग इस दौरान सूर्य देव की पूजा करते हैं और जल अर्पित कर स्वास्थ्य एवं सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। ग्रामीण इलाकों में नौतपा को लेकर कई पारंपरिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं।
किसानों की बढ़ी चिंता और उम्मीद
एक ओर जहां आमजन गर्मी से परेशान हैं, वहीं किसान अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कहा जाता है कि “जितना तपे नौतपा, उतना बरसे सावन।” इसी कारण किसान इन नौ दिनों की गर्मी को मानसून का संकेत मानते हैं।
नौतपा शुरू होते ही राजस्थान सहित कई क्षेत्रों में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।