✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
सोजत। शहर के जैतानिया गेट के बाहर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पत्थरों से भरा एक भारी ट्रक सड़क किनारे अचानक धंस गया। गनीमत रही कि समय रहते बड़ा हादसा टल गया, वरना आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों की जान खतरे में पड़ सकती थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पत्थरों से लदा भारी ट्रक जैतानिया गेट के बाहर से गुजर रहा था, तभी सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया और ट्रक एक तरफ झुक गया। ट्रक के झुकते ही मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आसपास खड़े लोग तुरंत दूर भागे और यातायात भी कुछ देर के लिए प्रभावित हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से सड़क की हालत खराब बनी हुई है। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद सड़क मरम्मत और मजबूत निर्माण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनदेखी और घटिया निर्माण कार्य के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
घटना के दौरान यदि ट्रक पूरी तरह पलट जाता तो पास से गुजर रहे वाहन चालकों, दुकानदारों और राहगीरों को गंभीर नुकसान हो सकता था। भारी मात्रा में पत्थर सड़क पर गिरने से बड़ा जानलेवा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी। लेकिन चालक की सूझबूझ और लोगों की सतर्कता के कारण स्थिति नियंत्रण में रही।
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि शहर की जर्जर सड़कों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए और भारी वाहनों के आवागमन के लिए उचित व्यवस्था बनाई जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
लोगों का कहना है कि बरसात से पहले यदि सड़कें और नालियों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आने वाले समय में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। नागरिकों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
फिलहाल ट्रक को निकालने के प्रयास जारी रहे और यातायात को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया गया। घटना ने एक बार फिर शहर की खराब सड़कों और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है।