सोजत न्यूज़ | वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
बागीदौरा तहसील कार्यालय में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, रजिस्टर्ड मॉर्टगेज की पत्रावलियां उपलब्ध करवाने की एवज में मांगी थी रिश्वत
जयपुर/बांसवाड़ा, 24 अगस्त 2026। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) राजस्थान ने बांसवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बागीदौरा तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक सहित दो निजी व्यक्तियों को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया।
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी बांसवाड़ा इकाई ने सोमवार को ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई में योगेन्द्र सिंह भाटी, वरिष्ठ सहायक, तहसील कार्यालय बागीदौरा, के अलावा रिश्वत की राशि प्राप्त करने वाले रतनसिंह एवं विठ्ठल, दोनों निजी व्यक्ति बताए गए हैं। तीनों को रिश्वत राशि के लेन-देन के मामले में गिरफ्तार किया गया।
गृह ऋण की पत्रावलियों के बदले मांगी गई थी रिश्वत
एसीबी के अनुसार परिवादी एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत है। कंपनी के माध्यम से लोगों को गृह ऋण उपलब्ध कराया जाता है। गृह ऋण स्वीकृत करने से पहले संबंधित आवेदकों की रजिस्ट्री को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय से रजिस्टर्ड मॉर्टगेज करवाना आवश्यक होता है।
परिवादी ने एसीबी बांसवाड़ा इकाई को शिकायत दी कि बागीदौरा तहसील कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ सहायक योगेन्द्र सिंह भाटी द्वारा दो रजिस्ट्री पत्रावलियों को रजिस्टर्ड मॉर्टगेज करवाने और बाद में पत्रावलियां उपलब्ध करवाने की एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है।
प्रति पत्रावली 2500 रुपये की मांग
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान आरोपी वरिष्ठ सहायक योगेन्द्र सिंह भाटी द्वारा दोनों पत्रावलियों के रजिस्टर्ड मॉर्टगेज के लिए प्रति पत्रावली 2,500 रुपये के हिसाब से कुल 5,000 रुपये रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई।
बाद में बातचीत के दौरान दोनों पत्रावलियों पर 500-500 रुपये कम करने पर सहमति बनी और आखिरकार कुल 4,000 रुपये रिश्वत लेना तय हुआ।
दलाल के जरिए रिश्वत की राशि लेने की योजना
रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरवीजन में तथा एसीबी बांसवाड़ा के उप अधीक्षक पुलिस रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ सहायक योगेन्द्र सिंह भाटी ने परिवादी से 4,000 रुपये रिश्वत की राशि अपने परिचित रतनसिंह को देने के लिए कहा। इसके बाद रतनसिंह ने उक्त राशि विठ्ठल को दी। जैसे ही रिश्वत की राशि का लेन-देन हुआ, एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए रिश्वत की रकम बरामद कर ली और तीनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
निवास पर भी तलाशी की कार्रवाई
एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपियों से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। एसीबी द्वारा वरिष्ठ सहायक योगेन्द्र सिंह भाटी के निवास की भी तलाशी ली जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू करने की जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान रिश्वत मांगने और लेने की पूरी प्रक्रिया तथा इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका होने की स्थिति में उससे जुड़े तथ्यों की भी जांच की जाएगी।
एसीबी ने आमजन से की अपील
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील की है। एसीबी ने कहा है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी वैध कार्य करने के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दी जा सकती है।
एसीबी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1064
व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर: 94135-02834
एसीबी के अनुसार इन माध्यमों पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में सहयोग करें और अपने वैध कार्य करवाने के लिए रिश्वत देने के बजाय संबंधित मामले की शिकायत एसीबी तक पहुंचाएं।
नोट: यह कार्रवाई एवं आरोप एसीबी की ओर से जारी प्रेस नोट पर आधारित हैं। मामले में आरोपियों के विरुद्ध आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
तहसील कार्यालय का वरिष्ठ सहायक 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, दो दलाल भी पकड़े गए
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