सोजत-पाली में मानसून की चाल धीमी, पश्चिमी राजस्थान में फिर बढ़ेगी गर्मी और उमस,
25 से 27 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान में बारिश के आसार, लेकिन सोजत-पाली समेत पश्चिमी हिस्सों को झमाझम बारिश का इंतजार



सोजत/पाली। राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ गई है। प्रदेश में बारिश का दौर फिलहाल असमान बना हुआ है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। इसका सीधा असर पाली जिले और सोजत क्षेत्र पर भी पड़ सकता है, जहां लोगों को अच्छी बारिश के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल दक्षिण-पश्चिमी हवाएं प्रभावी हैं। इसके चलते मानसून की सक्रियता कमजोर हुई है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले सात दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना जताई गई है।

सोजत-पाली में बारिश के लिए करना पड़ सकता है इंतजार

पश्चिमी राजस्थान का हिस्सा होने के कारण पाली जिला भी कमजोर मानसून की स्थिति से प्रभावित हो सकता है। सोजत, मारवाड़ जंक्शन, जैतारण, रोहट, रायपुर, बाली और जिले के अन्य क्षेत्रों में किसान और ग्रामीण अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला कमजोर रहा तो बारिश आधारित खेती और ग्रामीण जल स्रोतों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

सोजत क्षेत्र में कृषि गतिविधियां काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती हैं। ऐसे में बारिश में लंबा अंतराल रहने से खेतों में नमी बनाए रखना किसानों के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर हुई बारिश का फायदा फसलों को मिला है, लेकिन आगामी दिनों में अच्छी बारिश नहीं होने पर किसानों की चिंता बढ़ सकती है।

पश्चिमी राजस्थान में फिर बढ़ेगी गर्मी और उमस

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। बारिश की गतिविधियां कम होने के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।

सोजत-पाली सहित पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में दिन के समय तेज धूप के साथ उमस का असर महसूस हो सकता है। बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम में राहत मिलती है, लेकिन बादल और बारिश का दौर कमजोर पड़ने पर तापमान फिर बढ़ने की संभावना रहती है।

25 से 27 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान में बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 25 से 27 अगस्त के बीच कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना भी जताई गई है।

पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। ऐसे में प्रदेश में मौसम का मिजाज एक समान नहीं रहेगा।

कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। अलवर, डीग, भरतपुर, करौली और सवाई माधोपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट की जानकारी सामने आई है, जबकि जयपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, खैरथल-तिजारा, धौलपुर और कोटपूतली-बहरोड़ के लिए येलो अलर्ट बताया गया है।

कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अलग-अलग अपडेट में अलर्ट वाले जिलों की संख्या और श्रेणी में बदलाव भी दर्ज हुआ है।

अलवर में 75 एमएम बारिश, धौलपुर में गिरा कच्चा मकान

राजस्थान के कुछ हिस्सों में पिछले दिनों मानसून सक्रिय रहा। अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ में करीब 75 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं धौलपुर के बसेड़ी क्षेत्र में बारिश के कारण एक कच्चा मकान गिर गया। राहत की बात यह रही कि बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली।

पिछले 24 घंटे में धौलपुर में करीब 29 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि जयपुर, कोटा और अलवर सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश से इन इलाकों में तापमान में कुछ राहत मिली, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का दौर जारी है।

श्रीगंगानगर रहा सबसे गर्म

रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जयपुर में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कम रहने के कारण आने वाले दिनों में तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।

राजस्थान में सामान्य से करीब 16 प्रतिशत कम बारिश

मानसून की अब तक की स्थिति प्रदेश के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में इस मानसून सीजन में बारिश सामान्य से करीब 16 प्रतिशत कम दर्ज हुई है। जयपुर में बारिश की कमी करीब 22 प्रतिशत बताई जा रही है।

हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश भी हुई है और बीकानेर संभाग में बारिश अपेक्षाकृत बेहतर रही है, लेकिन कई जिलों में बारिश की कमी का असर खेती और जल स्रोतों पर दिखाई देने लगा है।

बीसलपुर बांध में भी कम पानी की आवक

कम बारिश का असर राजस्थान के प्रमुख जलाशयों पर भी नजर आने लगा है। जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की पेयजल जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बीसलपुर बांध अभी अपनी कुल भराव क्षमता के करीब 74 प्रतिशत तक ही भर पाया है।

यदि मानसून की गतिविधियां लंबे समय तक कमजोर बनी रहती हैं तो बांधों और जलाशयों में पानी की आवक प्रभावित हो सकती है। इसका असर भविष्य में पेयजल प्रबंधन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की सिंचाई व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

किसानों की नजर आसमान पर

सोजत-पाली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हुई हैं। खरीफ फसलों के लिए समय-समय पर बारिश बेहद जरूरी है। खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहे तो फसलों को फायदा मिलता है, लेकिन लंबे समय तक बारिश नहीं होने की स्थिति में फसलों पर पानी की कमी का असर पड़ सकता है।

विशेषकर बारिश आधारित कृषि वाले क्षेत्रों में मानसून का कमजोर होना किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। ऐसे में आगामी दिनों में यदि पश्चिमी राजस्थान में अच्छी बारिश होती है तो किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।

सोजत-पाली के लिए क्या है मौसम का संकेत?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान से फिलहाल संकेत यही है कि 25 से 27 अगस्त के बीच बारिश का मुख्य प्रभाव पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में देखने को मिल सकता है। इसके मुकाबले सोजत-पाली सहित पश्चिमी राजस्थान में व्यापक बारिश की संभावना कमजोर है।

यानी अगले कुछ दिनों में राजस्थान के एक हिस्से में बारिश और दूसरे हिस्से में गर्मी-उमस का मिला-जुला मौसम देखने को मिल सकता है। सोजत और पाली के लोगों को झमाझम बारिश के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

सोजत-पाली में मानसून की चाल धीमी, पश्चिमी राजस्थान में फिर बढ़ेगी गर्मी और उमस,
25 से 27 अगस्त के बीच पूर्वी राजस्थान में बारिश के आसार, लेकिन सोजत-पाली समेत पश्चिमी हिस्सों को झमाझम बारिश का इंतजार

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