दुकान में ग्राहक नहीं आ रहा है तो अपना यह तंत्र-मंत्र ज्ञान: सर्व बंधन मुक्ति के प्रभावी उपाय पुनः प्रेषित

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य सुख और सफलता की चाह लेकर दिन-रात परिश्रम करता है, लेकिन अनेक बार उसे उसके श्रम का उचित फल नहीं मिल पाता। कई बार व्यवसाय रुक जाता है, नौकरी नहीं लगती, या अचानक बाधाएँ उत्पन्न होने लगती हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसके पीछे ग्रह दोष, वास्तु दोष, कुलदेवता की अप्रसन्नता या किसी शत्रु द्वारा की गई नकारात्मक क्रियाएँ कारण हो सकती हैं।
व्यापारी और कारोबारी वर्ग के सामने यह समस्या विशेष रूप से देखी जा रही है। प्रतिस्पर्धा के इस युग में कुछ लोग अनुचित साधनों का प्रयोग कर दूसरों की उन्नति रोकने का प्रयास करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में प्राचीन तांत्रिक एवं आध्यात्मिक उपाय सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
नीचे प्रस्तुत हैं सर्व बंधन मुक्ति के पारंपरिक और सरल उपाय — श्रद्धा एवं नियमपूर्वक करने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
1️⃣ नागफनी कील प्रयोग से दुकान बंधन मुक्ति
विधि:
4 नागफनी कील (ऊपर से सांप के फन जैसी मुड़ी हुई) लें।
इन्हें देशी गाय के मूत्र में 3 दिन तक डुबोकर रखें।
चौथे दिन कील निकालकर गौमूत्र किसी वृक्ष की जड़ में अर्पित करें।
कीलों को पीपल वृक्ष के नीचे 7 दिन तक गाड़ दें।
पुनः निकालकर दुकान के चारों कोनों में इस प्रकार गाड़ें कि फन बाहर की ओर हो।
प्रत्येक कील पर कुमकुम और अक्षत चढ़ाएँ।
🔸 मान्यता है कि इससे बंधा हुआ व्यापार खुलने लगता है।
2️⃣ नारियल, तांबा और नींबू विधि
सामग्री:
जटा वाला नारियल
एक तांबे का सिक्का
एक नींबू
विधि:
तीनों का कुमकुम-अक्षत से पूजन करें।
दुकान की दहलीज में गाड़ दें।
यदि संभव न हो तो लाल/काले कपड़े में लपेटकर दुकान में 3 बार घुमाकर बहते जल में प्रवाहित करें।
यह कार्य मुख्यतः मंगलवार या शनिवार को, शुक्ल पक्ष में करें।
🔸 यह उपाय व्यापार में आई बाधाओं को दूर करने हेतु किया जाता है।
3️⃣ विशेष यंत्र साधना (41 दिन प्रयोग)
विधि संक्षेप:
अमावस्या के दिन शुभ मुहूर्त में सफेद कागज पर काली स्याही से यंत्र बनाएं।
पश्चिम की ओर मुख कर ऊनी आसन पर बैठें।
यंत्र पर इत्र की एक बूंद डालकर धूप-लोबान दिखाएं।
उसकी 41 प्रतियां बनवा लें।
प्रतिदिन एक प्रति कपूर अग्नि में जलाएं और राख सुनसान स्थान पर डालें।
यह प्रक्रिया 41 दिन तक करें।
🔸 श्रद्धापूर्वक की गई साधना से व्यापार बंधन दूर होने की मान्यता है।
4️⃣ सप्तमूल स्नान प्रयोग (नौकरी हेतु)
आवश्यक जड़ें:
अपामार्ग, चंदन, मौलश्री, अशोक, बरगद की जटा, पीपल, गुलतुर्रा।
विधि:
सभी जड़ों को जालीदार थैली में रखें।
स्नान से पूर्व 5 मिनट जल में डुबोएँ।
उसी जल से स्नान करें।
40 या 43 दिन लगातार करें।
🔸 मान्यता है कि इससे नौकरी में आ रही बाधाएँ समाप्त होती हैं।
5️⃣ नौकरी प्राप्ति यंत्र प्रयोग
विधि:
शुभ मुहूर्त में उत्तर की ओर मुख कर कुशासन पर बैठें।
लाल स्याही से यंत्र बनाएं।
हल्दी-इत्र का तिलक लगाकर लोबान धूप दें।
लेमिनेशन करवाकर जेब में रखें।
रात्रि में साफ स्थान पर रखें।
🔸 विश्वास है कि इससे शीघ्र नौकरी संबंधित समस्या दूर होती है।
6️⃣ विशेष पोटली प्रयोग (व्यवसाय उन्नति हेतु)
सामग्री में शामिल:
बिछुआ जड़, तीन नदियों की मिट्टी, बरगद जटा, बिल्व जड़, सूखी लाल मिर्च बीज, लाल-सफेद-काली गुंजा बीज।
विधि:
सभी वस्तुएँ कोरे वस्त्र में बांधें।
फिर लाल कपड़े में सतरंगी धागे से लपेटें।
दुकान के मुख्य द्वार के अंदर लटका दें।
प्रतिदिन धूप-दीप दिखाएँ।
🔸 यह उपाय व्यापारिक बाधाओं को दूर करने हेतु माना जाता है।
7️⃣ नींबू-कपूर धूप प्रयोग (41 दिन)
विधि:
प्रतिदिन दुकान खोलते समय कपूर जलाएं।
धुएं से एक नींबू को धूपित करें।
प्रार्थना करें कि सभी बाधाएँ दूर हों।
नींबू को दहलीज पर रखकर बाहर की ओर मुख करके फोड़ दें।
41 दिन लगातार करें।
🔸 परंपरा अनुसार यह प्रयोग नकारात्मकता हटाने में सहायक माना जाता है।
महत्वपूर्ण सूचना
ये सभी उपाय आस्था एवं परंपरा पर आधारित हैं। इन्हें पूर्ण श्रद्धा, नियम और सकारात्मक भावना से करें। साथ ही व्यावहारिक जीवन में परिश्रम, सदाचार, उचित योजना और विशेषज्ञ सलाह भी आवश्यक है।
📿 आध्यात्मिक उपाय तभी फलदायी होते हैं जब कर्म, संयम और सकारात्मक सोच साथ हो।



