सोजत न्यूज़ | पत्रकार राकेश भटनागर
देशभर में मानसून का असर अलग-अलग रूपों में देखने को मिल रहा है। जहां उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, वहीं राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश से नुकसान हुआ है। दूसरी ओर पाली जिले सहित पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसान चिंतित हैं और अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से यमुनोत्री मार्ग बंद, 1000 श्रद्धालु फंसे
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं बढ़ गई हैं। उत्तरकाशी जिले में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के समीप गंगोत्री हाईवे भूस्खलन के कारण बंद हो गए। यमुनोत्री मार्ग बंद होने से करीब 1000 श्रद्धालु और यात्री बीच रास्ते में फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन और राहत दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।
पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलाश यात्रा मार्ग भी चट्टानें गिरने से बाधित हो गया है। वहीं हरिद्वार में भारी बारिश के बाद कई कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के 10 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश में बारिश बनी आफत, 10 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में गुरुवार को 69 शहरों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि कई स्थानों पर यह बारिश हादसों का कारण भी बन गई। अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई।
बुलंदशहर में तेज बारिश के दौरान एक पुरानी मस्जिद की दीवार गिरने से एक ही परिवार के दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हरदोई जिले में नदी के तेज बहाव में दो बहनें बह गईं। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
राजस्थान में भी भारी बारिश का असर, मकान ढहे और ट्रेनें रद्द
राजस्थान के कई जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। धौलपुर में बारिश के कारण एक मकान ढह गया, जिसमें 6 लोग मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में भी एक कच्चा मकान गिरने से माता-पिता और उनका बच्चा मलबे में दब गए। प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
भारी बारिश और रेल मार्गों पर जलभराव के कारण राजस्थान में 6 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई अन्य ट्रेनें देरी से संचालित हो रही हैं। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।
पाली जिले में थमा मानसून, किसान चिंतित
एक ओर प्रदेश के पूर्वी जिलों में बारिश आफत बन रही है, वहीं पाली जिले में पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसान चिंतित हैं। खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके किसानों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हुई हैं। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो नवांकुरित फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
सोजत, रायपुर, जैतारण तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसान लगातार अच्छी वर्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में यदि पर्याप्त बारिश हो जाती है तो फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा।
दो दिन बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद मानसून की गतिविधियों में कुछ कमी आने और कई क्षेत्रों में बारिश पर अस्थायी ब्रेक लगने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि स्थानीय मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने पर कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
देशभर में मानसून के इस दोहरे स्वरूप ने एक ओर कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा कर दी है, तो दूसरी ओर राजस्थान के पश्चिमी इलाकों के किसान अभी भी अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।





