पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

राकेश भटनागर

आईएफडब्ल्यूजे के 77वें स्थापना दिवस पर जयपुर में प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम, पाली-सोजत के पत्रकारों ने निभाई सहभागिता

सोजत। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने और पत्रकारों की लंबित मांगों के समाधान को लेकर बुधवार, 28 अक्टूबर को जयपुर के शहीद स्मारक पर इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) का प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। संगठन के 77वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम का ज्ञापन राजस्थान सरकार के राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को सौंपा गया। इसमें पत्रकारों की सुरक्षा, रोजगार, आजीविका और सामाजिक संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।

कार्यक्रम में आईएफडब्ल्यूजे के पाली जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार अरुण जोशी के नेतृत्व में जिले के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। प्रदेश की विभिन्न जिला इकाइयों से आए पत्रकारों ने अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संगठनात्मक एकजुटता पर बल दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित कर पत्रकारिता में उनके योगदान के स्मरण से हुई।

आईएफडब्ल्यूजे उपखंड सोजत के अध्यक्ष कैलाश गहलोत के अनुसार, जयपुर कार्यक्रम में सोजत से वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीनारायण माली, हरीश गहलोत तथा उपखंड महासचिव नवनीत राय ‘रुचिर’ ने भी भाग लेकर पत्रकार हितों से जुड़ी मांगों का समर्थन किया। इस अवसर पर सुमेरपुर से अध्यक्ष नारायण डाबी, जिला सचिव अरविंद कुमार जोशी, जिला कोषाध्यक्ष मो. यासीन रॉयल, मारवाड़ जंक्शन उपखण्ड अध्यक्ष अनिल कुमार मारू आदि ने भी अपनी भागीदारी निभाई।

प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र में जनसरोकारों को आवाज देने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। उन्हें निर्भीक होकर कार्य करने के लिए प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून का संरक्षण मिलना आवश्यक है। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ स्वतंत्र, फ्रीलांस तथा क्षेत्रीय भाषाओं के पत्रकारों को भी समान संरक्षण देने की मांग रखी। पत्रकारों के वेतन, सेवा शर्तों एवं रोजगार की सुरक्षा के लिए पृथक वैधानिक व्यवस्था और पारदर्शी राष्ट्रीय पत्रकार रजिस्टर के गठन की आवश्यकता भी जताई गई।

ज्ञापन में पत्रकारों की शारीरिक सुरक्षा के साथ उनकी आजीविका और गरिमा की रक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। संगठन ने दिल्ली में समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ कथित हिंसा, उत्पीड़न, उपकरणों की जब्ती और हिरासत में लिए जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। पत्रकार ऋचा पाराशर के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच तथा संबंधित साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी उठाई गई।

जयपुर
ओमप्रकाश बोराना

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