सोजत न्यूज़ | वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
पाली। राजस्थान में निकाय चुनावों की सियासी सरगर्मियों के बीच पाली की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा के पूर्व नेता और पांच बार भाजपा से पार्षद रह चुके राकेश भाटी ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। राकेश भाटी ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
कांग्रेस में शामिल होने का यह कार्यक्रम कांग्रेस वॉर रूम में आयोजित हुआ, जहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में राकेश भाटी को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई।
राकेश भाटी के कांग्रेस में शामिल होने को आगामी निकाय चुनाव से पहले पाली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। लंबे समय तक भाजपा की राजनीति से जुड़े रहे भाटी का कांग्रेस में जाना स्थानीय स्तर पर भाजपा के लिए झटका और कांग्रेस के लिए मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है।
पांच बार भाजपा से पार्षद रह चुके हैं राकेश भाटी
राकेश भाटी पाली की स्थानीय राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे भाजपा के टिकट पर पांच बार पार्षद रह चुके हैं। नगर परिषद की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है और वार्ड स्तर पर उनका राजनीतिक संपर्क भी माना जाता है।
ऐसे में उनका कांग्रेस में शामिल होना केवल पार्टी बदलने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि निकाय चुनाव से पहले वार्ड स्तर के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला कदम माना जा रहा है।
निवर्तमान सभापति रेखा भाटी के पति हैं राकेश भाटी
राकेश भाटी पाली नगर परिषद की निवर्तमान सभापति रेखा भाटी के पति हैं। भाटी परिवार लंबे समय से पाली की स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहा है।
नगर परिषद की राजनीति में राकेश भाटी की सक्रिय भूमिका और पांच बार पार्षद रहने के अनुभव को देखते हुए कांग्रेस में उनके प्रवेश को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए
राकेश भाटी ने कांग्रेस में अकेले प्रवेश नहीं किया, बल्कि अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थामा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
निकाय चुनाव से ठीक पहले एक अनुभवी स्थानीय राजनीतिक चेहरे का समर्थकों के साथ कांग्रेस में आना पार्टी के लिए संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस अब भाटी के राजनीतिक अनुभव और उनके समर्थक नेटवर्क का चुनावी मैदान में किस तरह इस्तेमाल करती है, इस पर सभी की निगाहें रहेंगी।
डोटासरा-जूली की मौजूदगी ने बढ़ाई राजनीतिक अहमियत
राकेश भाटी की कांग्रेस ज्वॉइनिंग के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी ने इस घटनाक्रम की राजनीतिक अहमियत और बढ़ा दी।
प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में राकेश भाटी का कांग्रेस में शामिल होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आगामी निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस स्थानीय स्तर पर मजबूत चेहरों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का कुनबा मजबूत
राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। टिकटों को लेकर दावेदारों में सक्रियता बढ़ गई है और राजनीतिक दल भी अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।
इसी बीच राकेश भाटी का कांग्रेस में आना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर पाली नगर परिषद क्षेत्र में जहां वार्ड स्तर पर चुनावी मुकाबला रोचक होने की संभावना है, वहां भाटी का राजनीतिक अनुभव कांग्रेस के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
भाजपा के लिए झटका, कांग्रेस के लिए नई उम्मीद
राकेश भाटी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पाली की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा से पांच बार पार्षद रहे नेता का कांग्रेस में जाना निश्चित रूप से भाजपा के लिए एक राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
वहीं कांग्रेस के लिए यह ज्वॉइनिंग आगामी निकाय चुनाव से पहले अपने कुनबे को मजबूत करने और भाजपा के प्रभाव वाले स्थानीय नेताओं को अपने साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हालांकि चुनावी राजनीति में किसी भी नेता के दल बदलने का वास्तविक असर मतदान के दौरान ही सामने आता है, लेकिन फिलहाल राकेश भाटी का कांग्रेस में प्रवेश पाली की सियासत में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
अब देखना होगा कांग्रेस क्या देती है जिम्मेदारी
राकेश भाटी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि पार्टी उन्हें आगामी निकाय चुनाव में क्या जिम्मेदारी देती है और उनके अनुभव का किस तरह उपयोग करती है।
निकाय चुनाव से पहले पाली में भाजपा के पुराने राजनीतिक चेहरे का कांग्रेस में जाना आने वाले चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बनाने वाला घटनाक्रम माना जा रहा है।





