राकेश भटनागर
जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचने लगी हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने चुनावी प्रक्रिया को गति देते हुए पंचायती राज संस्थाओं में वार्डों एवं विभिन्न जनप्रतिनिधि पदों के आरक्षण निर्धारण की जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) को सौंप दी है। इस संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम ने आदेश जारी कर दिए हैं।
राज्य सरकार के इस निर्णय के साथ ही पंचायत चुनाव की प्रशासनिक प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। हालांकि आरक्षण की अंतिम प्रक्रिया ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पूरी की जाएगी। आयोग से यह रिपोर्ट 5 अगस्त तक मिलने की संभावना है, जिसके बाद आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी और राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।
कलेक्टर और एसडीएम करेंगे आरक्षण का निर्धारण
जारी आदेशों के अनुसार जिला कलेक्टर अपने जिले की जिला परिषदों के वार्डों, पंचायत समितियों के वार्डों तथा प्रधान पदों के आरक्षण का निर्धारण करेंगे। वहीं संबंधित उपखंड अधिकारी (एसडीएम) अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के वार्डों और सरपंच पदों के आरक्षण का श्रेणीवार निर्धारण करेंगे।
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पदों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी, जिससे यह तय होगा कि कौन-सा पद सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग अथवा महिला वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।
5 अगस्त तक आएगी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट
राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक) आयोग को आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा दिया गया है और आयोग 5 अगस्त तक अपनी सर्वे रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा।
इस रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 15 अगस्त तक आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी करना है, ताकि उसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी कर सके।
15 नवंबर तक पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया है कि पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इसके तहत 15 नवंबर तक सभी पंचायत चुनाव सम्पन्न कराने की योजना बनाई गई है।
राज्य में इस बार 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों के माध्यम से लाखों मतदाता अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
चार चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
राजस्थान में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाने की तैयारी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने हाईकोर्ट में संकेत दिए हैं कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी होते ही चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा। यदि सब कुछ तय समय पर हुआ तो चुनाव अक्टूबर और नवंबर के बीच चार चरणों में संपन्न होंगे।
संभावित चुनाव कार्यक्रम
चुनाव घोषणा: 23 सितंबर
निर्वाचन अधिसूचना: 28 सितंबर
नामांकन की अंतिम तिथि: 1 अक्टूबर (दोपहर 3 बजे तक)
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 5 अक्टूबर (दोपहर 3 बजे तक)
मतदान दलों की रवानगी
प्रथम चरण – 12 अक्टूबर
द्वितीय चरण – 22 अक्टूबर
तृतीय चरण – 28 अक्टूबर
चतुर्थ चरण – 2 नवंबर
जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य चुनाव
प्रथम चरण मतदान – 13 अक्टूबर
द्वितीय चरण – 23 अक्टूबर
तृतीय चरण – 29 अक्टूबर
चतुर्थ चरण – 3 नवंबर
मतगणना – 12 नवंबर
पंच एवं सरपंच चुनाव
प्रथम चरण – 14 अक्टूबर
द्वितीय चरण – 24 अक्टूबर
तृतीय चरण – 30 अक्टूबर
चतुर्थ चरण – 4 नवंबर
उप सरपंच चुनाव
प्रथम चरण – 15 अक्टूबर
द्वितीय चरण – 25 अक्टूबर
तृतीय चरण – 31 अक्टूबर
चतुर्थ चरण – 5 नवंबर
मतदान का समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक।
प्रधान एवं प्रमुख का चुनाव
प्रधान/प्रमुख का चुनाव: 14 नवंबर
उप प्रधान/उप प्रमुख का चुनाव: 15 नवंबर
ग्रामीण राजनीति में बढ़ेगी हलचल
पंचायत चुनाव की तैयारियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है, जबकि विभिन्न राजनीतिक दल और स्थानीय संगठन भी अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। अब सभी की नजर 5 अगस्त को आने वाली ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली आरक्षण लॉटरी पर टिकी है, क्योंकि इसी के आधार पर चुनावी समीकरण तय होंगे।
कुल मिलाकर, राजस्थान में पंचायत चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हैं और आरक्षण प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा करेगा। इसके बाद प्रदेशभर में पंचायत चुनाव का माहौल पूरी तरह गर्म हो जाएगा।





