सोजत:न्यायिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर सुप्रसिद्ध कथा वाचक मुकेश भाई ओझा का भव्य सम्मान समारोह।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। न्यायिक सेवा में वर्षों तक उत्कृष्ट, ईमानदार एवं सराहनीय सेवाएं देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले सुप्रसिद्ध कथा वाचक मुकेश भाई ओझा का जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, श्रीमाली ब्राह्मण समाज एवं न्यायिक सेवा से जुड़े गणमान्यजनों द्वारा भव्य सम्मान समारोह आयोजित कर बहुमान किया गया।
यह सम्मान समारोह राम कौशल्या गार्डन, स्वामी विवेकानन्द मार्ग तथा उनके कार्यरत स्थल पर आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में समाजसेवियों, अधिवक्ताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता निभाई।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण दवे उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष सुरेश ओझा ने की। विशिष्ट अतिथियों में भुवनेश नारायण भट्ट, चारण गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन सोशियो के अध्यक्ष अनोपसिंह लखावत, पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल, पुष्पत राज मुणोत, अभिनव कला मंच सचिव चेतन व्यास, कैलाश दवे, राघव ओझा, भारत विकास परिषद अध्यक्ष देवीलाल सांखला, अनिल ओझा, अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी, प्रफुल्ल ओझा, अभय व्यास, पूर्व पालिकाध्यक्ष मोहन लाल टांक सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे।

इसके अलावा श्रीमति ऐश्वर्या सांखला, राजेश सांखला, ओम प्रकाश ओझा, राम स्वरूप भटनागर, हरीश व्यास, हितेन्द्र व्यास, बार एसोसिएशन अध्यक्ष देवेन्द्र व्यास, जुगल किशोर निकुंम, महालक्ष्मी ट्रस्ट अध्यक्ष रमेश व्यास, गुरुफूलनारायण न्यास अध्यक्ष सुरेन्द्र त्रिवेदी, माणक राज चौहान, अधिवक्ता योगेश ओझा, धीरेन्द्र व्यास, धर्मेन्द्र व्यास, आचार्य पंडित हिंद प्रकाश ओझा, किशोर कुमार, जगदीश व्यास, अजय जोशी, अजय त्रिवेदी, विशाल दवे, नरपत सोलंकी, राकेश पंवार, ईश्वर दास पुरुषवाणी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक एवं न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने मुकेश भाई ओझा का शाल, साफा, मोमेंटो एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया।
वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में कहा कि ओझा ने न्यायिक सेवा के दौरान सदैव निष्पक्षता, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करते हुए समाज में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत किया। साथ ही कथा वाचन के माध्यम से उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार कर समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया।
अपने सम्मान से अभिभूत मुकेश भाई ओझा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक सेवा उनके जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय रहा है और आगे भी वे समाजसेवा एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनकल्याण के कार्य करते रहेंगे।



