सोजत: संत कबीर साहेब के सत्संग का चौथा दिन, भक्ति व संयम का संदेश- साधक को संयम से रहना चाहिए:- हजूर अर्धनाम साहेब।

अकरम ख़ान
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अकरम खान की रिपोर्ट।

सोजत। कबीर पंथ के आचार्य हजूर अर्धनाम साहब ने कहा कि सतगुरु के साधक को नियम और संयम के साथ जीवन जीना चाहिए। ऐसा करने से साधक को भक्ति की प्राप्ति के साथ सतलोक की प्राप्ति भी संभव होती है। उन्होंने बताया कि ध्यान-सुमिरन एक सूक्ष्म मार्ग है, जिस पर चलकर मनुष्य अपने जीवन को सफल बना सकता है।

उन्होंने कहा कि भक्ति अनुग्रह से प्राप्त होती है, जिससे जीवन में तेज उत्पन्न होता है और मनुष्य की दूरमति दूर हो जाती है। भक्ति के लिए सरलता, सहजता और विनम्रता आवश्यक है। मुक्ति के लिए सेवा और समर्पण का भाव होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुमिरन और ज्ञान के बिना बंधन नहीं हटते—भक्ति दरअसल ज्ञान की यात्रा है। इसलिए मनुष्य को सावधान रहकर नियमपूर्वक जीवन निर्वाह करना चाहिए। शरीर से पुण्य व परोपकार, बुद्धि से अच्छे कार्यों का चयन और धन से सद्कार्यों में सहयोग करना चाहिए।

हजूर साहिब ने ये विचार रविवार को धनी धर्मदास साहेब की पावन पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित पांच दिवसीय सतगुरु कबीर सत्संग समारोह एवं सात्विक यज्ञ, चौका-आरती के चौथे दिवस श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

इस अवसर पर श्रीराम कच्छवाह ने आज के भंडारे का लाभ लिया। सत्संग में साध्वी मंजू साहब, सुवा साहब, आनंद साहिब, रसाल बाई, शांति देवी परिहार, अनीता परिहार सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भागीदारी निभाई। आयोजन की सफलता में कालूराम साहेब, पुखराज सांखला, चंपालाल सांखला, भीकाराम साहेब, कैलाश परिहार, अनिल परिहार व शेरू भाई सहित कई श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर कल सोमवार को विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा पाली रोड स्थित श्रीराम रोड लाइंस से रवाना होकर राजपाल गेट, मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, धान मंडी, जैतारानिया दरवाजा होते हुए आयोजन स्थल पर पहुंचकर विसर्जित होगी।

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