सरकार की बड़ी सौगात: दो देसी गाय खरीदने पर मिलेगी 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी, महिलाओं को विशेष लाभ; 10 जुलाई तक करें आवेदन

ओमप्रकाश बोराना
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✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के तहत मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना शुरू की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत पात्र पशुपालकों को दो स्वदेशी नस्ल की गाय खरीदने पर 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

देसी नस्ल की गायों को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि स्वदेशी नस्ल की गायें बेहतर गुणवत्ता का दूध देती हैं और उनकी देखभाल भी स्थानीय परिस्थितियों में अधिक आसान होती है। इसी कारण योजना के माध्यम से गिर, साहीवाल, थारपारकर, गंगातीरी जैसी स्वदेशी नस्लों के पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे दूध उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी।

दो गाय खरीदने पर 80 हजार रुपये तक की सहायता

योजना के तहत पात्र लाभार्थी यदि दो स्वदेशी गाय खरीदते हैं तो उन्हें 80 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह राशि निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों को आधुनिक डेयरी व्यवसाय से जोड़ना है।

महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ

इस योजना में महिला पशुपालकों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं और महिला उद्यमी भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें डेयरी व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। साथ ही पशुपालन के लिए आवश्यक भूमि या पशुशाला की व्यवस्था तथा योजना की अन्य निर्धारित पात्रताओं को पूरा करना होगा। आवेदन के समय आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

10 जुलाई तक करें आवेदन

सरकार ने इच्छुक पशुपालकों से अपील की है कि वे 10 जुलाई तक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन संबंधित पशुपालन विभाग के कार्यालय या विभाग द्वारा निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, स्वदेशी नस्ल की गायों का संरक्षण होगा और हजारों किसानों तथा पशुपालकों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे और डेयरी उद्योग को नई मजबूती मिलेगी।

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