खेत में 5 लाख रुपए दबाकर भूल गया किसान, जुताई के दौरान मिली रकम तो दीमक ने चट कर दिए करीब 75 फीसदी नोट

चोरों से बचाने के लिए खेत में छिपाई थी प्लॉट बेचकर मिली रकम, बारिश के बाद जुताई में मिट्टी के नीचे मिली थैली तो उड़ गए होश




सोजत न्यूज़ | वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा

बालोतरा। चोरों से बचाने के लिए किसान ने अपनी मेहनत की कमाई को बैंक में रखने के बजाय खेत की मिट्टी में छिपा दिया। किसान को भरोसा था कि जमीन के नीचे दबाकर रखी गई रकम पूरी तरह सुरक्षित रहेगी, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस रकम को वह चोरों से बचा रहा है, उसे जमीन के अंदर दीमक चट कर जाएगी। बालोतरा जिले के पचपदरा क्षेत्र में सामने आई यह घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार पचपदरा क्षेत्र के किसान मांगीलाल मेघवाल ने एक प्लॉट बेचकर करीब 5 लाख रुपए की राशि प्राप्त की थी। किसान ने इस रकम को चोरी होने के डर से बैंक में जमा कराने के बजाय पॉलिथीन की एक थैली में भरकर खेत में मिट्टी के नीचे दबा दिया। किसान को उम्मीद थी कि खेत में छिपाई गई रकम घर में रखने की तुलना में ज्यादा सुरक्षित रहेगी।

लेकिन कुछ समय बीतने के बाद किसान को यह याद नहीं रहा कि उसने रकम खेत में आखिर किस स्थान पर दबाई थी। जब उसे रकम की जरूरत पड़ी तो उसने खेत में काफी तलाश की, लेकिन उसे वह स्थान नहीं मिला जहां उसने पैसे छिपाए थे। काफी प्रयास के बावजूद जब रकम नहीं मिली तो मामला किसान के लिए चिंता का कारण बन गया।

बारिश के बाद जुताई में अचानक दिखाई दी थैली

समय बीतता गया। बारिश के मौसम के बाद किसान ने खेत की जुताई शुरू करवाई। इसी दौरान जुताई करते समय मिट्टी के भीतर से एक पॉलिथीन की थैली दिखाई दी। थैली देखकर किसान को तुरंत पुराने पैसों की याद आई। थैली को बाहर निकाला गया तो किसान की उम्मीदें जाग उठीं कि उसकी पांच लाख रुपए की रकम आखिरकार वापस मिल गई है।

लेकिन जैसे ही थैली खोली गई, किसान के होश उड़ गए। थैली के अंदर रखी रकम का बड़ा हिस्सा बुरी तरह खराब हो चुका था। नोटों को दीमक चट कर चुकी थी और कई नोट पूरी तरह गलकर मिट्टी में मिल चुके थे। कुछ नोटों के केवल छोटे-छोटे टुकड़े ही बचे थे।

करीब 75 फीसदी रकम दीमक ने कर दी नष्ट

बताया जा रहा है कि खेत में दबाकर रखी गई करीब 5 लाख रुपए की रकम में से लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा दीमक के कारण नष्ट हो गया। लंबे समय तक मिट्टी के अंदर रहने और नमी के संपर्क में आने के कारण नोटों की हालत बेहद खराब हो गई।

जिस पॉलिथीन की थैली को किसान ने रकम की सुरक्षा का माध्यम समझा था, वही थैली कुछ समय बाद उसके लिए नुकसान की वजह बन गई। जमीन के नीचे पड़े-पड़े नोटों पर दीमक लग गई और देखते ही देखते किसान की मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया।

चोरों से बचाने की कोशिश बनी भारी नुकसान का कारण

किसान ने अपनी रकम को चोरी से बचाने के लिए खेत में छिपाया था। उसका उद्देश्य रकम को सुरक्षित रखना था, लेकिन सुरक्षित रखने का यह तरीका उसके लिए भारी नुकसान का कारण बन गया। अगर रकम बैंक में जमा कराई जाती या किसी सुरक्षित वित्तीय माध्यम में रखी जाती तो शायद किसान को इतना बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ता।

यह घटना लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण सबक है कि बड़ी मात्रा में नकदी को घर, खेत या जमीन में छिपाकर रखना जोखिम भरा हो सकता है। चोरी के अलावा नमी, दीमक, आग और अन्य कारणों से भी नकदी खराब हो सकती है।

नोटों की हालत देखकर किसान को लगा बड़ा झटका

घटना के बाद खेत से मिले खराब नोटों और नोटों के टुकड़ों की तस्वीरें भी सामने आई हैं। तस्वीरों में कई नोट बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहे हैं। कुछ नोटों की पहचान करना भी मुश्किल दिखाई दे रहा है, जबकि बड़ी मात्रा में करेंसी छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल चुकी है।

किसान के लिए सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि जिस रकम को उसने चोरों से बचाने के लिए छिपाया था, वह रकम चोरी तो नहीं हुई, लेकिन खेत की मिट्टी के नीचे पड़े-पड़े नष्ट हो गई। रकम वापस मिलने की खुशी कुछ ही क्षणों में बड़े आर्थिक नुकसान के सदमे में बदल गई।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना

पचपदरा क्षेत्र में सामने आई इस घटना की चर्चा आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी हो रही है। लोग इसे नकदी को असुरक्षित तरीके से छिपाकर रखने के नुकसान के उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस तरह का मामला राजस्थान में बेहद असामान्य है और स्थानीय स्तर पर इसे अनोखी घटना माना जा रहा है।

किसान को रकम का कुछ हिस्सा ही सुरक्षित मिल पाया, जबकि उसकी मेहनत से जुटाई गई बड़ी राशि दीमक के कारण मिट्टी में मिल गई। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अपनी जीवनभर की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए सही वित्तीय माध्यम का इस्तेमाल कितना जरूरी है।

एक किसान की भूल, लाखों का नुकसान:
प्लॉट बेचकर मिली पांच लाख रुपए की रकम को खेत में छिपाने का फैसला किसान को उस समय सही लगा था, लेकिन जगह भूल जाने और लंबे समय तक रकम मिट्टी में दबे रहने के कारण करीब तीन-चौथाई राशि नष्ट हो गई। खेत की जुताई के दौरान थैली जरूर मिल गई, लेकिन तब तक किसान की लाखों रुपए की उम्मीदें दीमक खा चुकी थी।चाहें तो मैं इसे और ज्यादा सनसनीखेज “ब्रेकिंग न्यूज़” शैली, फेसबुक पोस्ट शैली या यूट्यूब न्यूज़ वीडियो की स्क्रिप्ट में भी तैयार कर सकता हूं।

ज्योतिष वास्तु शास्त्र
ओमप्रकाश बोराना

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खेत में 5 लाख रुपए दबाकर भूल गया किसान, जुताई के दौरान मिली रकम तो दीमक ने चट कर दिए करीब 75 फीसदी नोट

चोरों से बचाने के लिए खेत में छिपाई थी प्लॉट बेचकर मिली रकम, बारिश के बाद जुताई में मिट्टी के नीचे मिली थैली तो उड़ गए होश

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