पश्चिमी राजस्थान में बारिश को लेकर बड़ा अपडेट: पाली-सोजत-मारवाड़ में कब बरसेगा पानी? अभी मानसून कमजोर, 6 सितंबर को हल्की गतिविधि के आसार


सोजत/पाली। पश्चिमी राजस्थान में बारिश का इंतजार कर रहे किसानों और आमजन के लिए फिलहाल मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है। पाली, सोजत और मारवाड़ क्षेत्र में अगले कुछ दिनों में व्यापक बारिश की संभावना कमजोर दिखाई दे रही है, जबकि कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बादल, गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के 6 सितंबर 2026 के पश्चिमी राजस्थान के पूर्वानुमान के अनुसार 6 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान में गरज-चमक/आंधी जैसी गतिविधि की संभावना है, लेकिन 7 से 12 सितंबर तक कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।

☁️ सोजत में कब होगी बारिश?

सोजत के ताजा स्थानीय पूर्वानुमान में 6 से 11 सितंबर तक बारिश की संभावना काफी कम दिखाई गई है। इसके बाद 12 सितंबर से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। सोजत के विस्तारित पूर्वानुमान में 12 सितंबर को कुछ क्षेत्रों में बारिश/तूफान की करीब 55 प्रतिशत संभावना तथा 13-14 सितंबर को यह संभावना और बढ़ती दिखाई गई है। हालांकि यह लंबी अवधि का पूर्वानुमान है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है।

यानी सोजत में तत्काल बड़ी बारिश के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। किसानों के लिए 12-14 सितंबर के आसपास का मौसम विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।

🌦️ पाली में भी अभी राहत सीमित

पाली जिले में भी फिलहाल मौसम में बादल आने और स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के लिए अगले कई दिनों में लगातार या भारी बारिश का स्पष्ट संकेत नहीं है। मौसम में स्थानीय बदलाव के कारण कुछ इलाकों में अचानक बूंदाबांदी अथवा गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

जोधपुर-मारवाड़ में गर्मी और उमस का असर

जोधपुर में 6 सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री रहने का पूर्वानुमान है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 6 सितंबर को आंशिक बादल और उसके बाद 7-11 सितंबर तक भी मुख्यतः आंशिक बादल वाला मौसम बताया गया है, लेकिन कोई विशेष वर्षा चेतावनी नहीं है।

इसका मतलब यह है कि मारवाड़ क्षेत्र में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर रहने की संभावना है।

सितंबर में पूरे राजस्थान के लिए भी चिंता

मौसम विभाग के सितंबर के पूर्वानुमान के अनुसार देश में सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना जताई गई है। अगस्त में भी देश में बारिश सामान्य से करीब 16 प्रतिशत कम रही थी और सितंबर में भी बारिश कमजोर रहने का अनुमान है।

पश्चिमी राजस्थान के किसानों के लिए यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि खरीफ फसलों के अंतिम विकास चरण में सितंबर की बारिश मिट्टी में नमी बनाए रखने और फसल की पैदावार के लिए अहम होती है।

किसानों की नजर अब 12 से 14 सितंबर पर

सोजत और आसपास के किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। खासकर मेहंदी, बाजरा, मूंग, तिल सहित खरीफ फसलों के लिए बारिश की जरूरत बनी हुई है। सोजत क्षेत्र में मेहंदी की फसल को लेकर पहले से ही बारिश और मौसम की अनिश्चितता के कारण किसानों की चिंता बढ़ी हुई है।

फिलहाल मौसम का सार:

6 सितंबर: पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं गरज-चमक/स्थानीय गतिविधि की संभावना।

7-11 सितंबर: व्यापक बारिश की संभावना कमजोर।

12 सितंबर के बाद: सोजत क्षेत्र में बारिश की संभावना बढ़ने के संकेत।

13-14 सितंबर: स्थानीय बारिश/गरज-चमक की संभावना अपेक्षाकृत अधिक, लेकिन यह अभी लंबी अवधि का पूर्वानुमान है।

भारी बारिश: फिलहाल पाली-सोजत-जोधपुर क्षेत्र के लिए कोई स्पष्ट भारी बारिश चेतावनी नहीं।


ऐसे में बड़ा सवाल यही है—क्या 12 सितंबर के बाद पश्चिमी राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय होगा और सोजत-पाली-मारवाड़ में किसानों को बारिश की राहत मिलेगी? आने वाले 3-5 दिनों के मौसम अपडेट से तस्वीर और साफ होगी।

*नोट: स्थानीय मौसम पूर्वानुमान तेजी से बदल सकता है। खेती से जुड़े निर्णय लेने से पहले IMD के ताजा जिला-स्तरीय अपडेट को जरूर देखें।*

error: Content is protected !!