कम बारिश ने कमजोर की मेहंदी की फसल, लेकिन सोजत मंडी में भावों की तेजी से किसानों को राहत की उम्मीद
सोजत | 28 सितंबर 2026, सोमवार।
सोजत की पहचान देशभर में मेहंदी नगरी के रूप में है और यहां की मेहंदी हजारों किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन है। इस वर्ष मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश होने से मेहंदी की फसल कमजोर रहने का असर अब मंडी में दिखाई देने लगा है। सोजत कृषि उपज मंडी में मेहंदी के पत्तों के भावों में तेजी का रुख बना हुआ है और सोमवार को भाव ₹3,000 से ₹6,100 प्रतिमन तक दर्ज किए गए।
कम बारिश के कारण जहां किसानों को उत्पादन कम होने की चिंता है, वहीं दूसरी ओर मंडी में मिल रहे बेहतर भाव से किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है। किसानों के लिए मौजूदा समय में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कम उपज की स्थिति में उन्हें उनकी गुणवत्ता के अनुसार उचित और पारदर्शी भाव मिले।
कम बारिश से उत्पादन पर पड़ा असर
इस वर्ष पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण खेतों में नमी की कमी रही। इसका असर मेहंदी की बढ़वार और पत्तियों की गुणवत्ता पर पड़ा है। कई किसानों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों की तुलना में इस बार फसल कमजोर है और प्रति बीघा उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
ऐसी स्थिति में किसानों की मेहनत और लागत की भरपाई के लिए मंडी में बेहतर भाव मिलना जरूरी है। मेहंदी की खेती में बीज, जुताई, सिंचाई, मजदूरी, कटाई, सुखाने और परिवहन सहित विभिन्न खर्च किसानों को वहन करने पड़ते हैं।
₹6,100 प्रतिमन तक पहुंचा भाव
सोमवार को सोजत कृषि उपज मंडी में मेहंदी के पत्तों के भाव ₹3,000 से ₹6,100 प्रतिमन तक बताए गए। वहीं एक श्रेणी में करीब ₹5,400 प्रतिमन का भाव भी रहा।
मेहंदी की गुणवत्ता, पत्तियों की स्थिति, रंग, नमी, सफाई और मंडी में उस समय की मांग के आधार पर भावों में अंतर रहता है। इसलिए किसानों को अपनी उपज मंडी में बेचते समय अलग-अलग खरीदारों और मंडी के प्रचलित भाव की जानकारी रखना महत्वपूर्ण है।
कम उत्पादन की भरपाई कर सकते हैं बेहतर भाव
इस वर्ष यदि किसी किसान की प्रति बीघा मेहंदी की उपज कम हुई है, तो बेहतर भाव उसके नुकसान की कुछ भरपाई कर सकते हैं। किसानों के लिए यह समय अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त करने का है।
किसानों का कहना है कि बारिश कम होने के कारण फसल कमजोर रही है। ऐसे में यदि मेहंदी की मांग बनी रहती है और भाव मजबूत रहते हैं, तो उन्हें अपनी मेहनत और लागत का बेहतर प्रतिफल मिल सकता है।
किसानों के लिए जरूरी है गुणवत्ता और सही तौल पर ध्यान
मंडी में भाव प्राप्त करते समय किसानों को अपनी मेहंदी की गुणवत्ता के साथ-साथ सही तौल, भुगतान की शर्तों और मंडी में चल रहे भाव की जानकारी रखनी चाहिए। बेहतर गुणवत्ता वाली मेहंदी को उचित मूल्य मिले, इसके लिए किसान उपज को साफ-सुथरा और निर्धारित तरीके से तैयार कर मंडी में लाने पर ध्यान दें।
किसानों को अपनी उपज बेचने में जल्दबाजी करने के बजाय उस दिन की मंडी आवक और मांग की स्थिति की जानकारी लेना भी उपयोगी हो सकता है। हालांकि भाव आगे बढ़ेंगे या घटेंगे, यह निश्चित रूप से कहना संभव नहीं है।
आने वाले दिनों में आवक पर रहेगी नजर
अब आने वाले दिनों में सोजत मंडी में मेहंदी की आवक और बाजार की मांग पर सभी की नजर रहेगी। यदि आवक सीमित रहती है और मांग बनी रहती है, तो भावों में मजबूती बनी रहने की संभावना पर कारोबारियों की नजर रहेगी। दूसरी ओर आवक बढ़ने पर बाजार में उतार-चढ़ाव भी हो सकता है।
इसलिए किसानों के लिए मंडी के दैनिक भाव और बाजार की स्थिति की जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।
मेहंदी से जुड़ी है हजारों परिवारों की आजीविका
सोजत क्षेत्र में मेहंदी केवल एक फसल नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसान से लेकर मंडी व्यापारी, मजदूर, परिवहन व्यवसायी और मेहंदी प्रसंस्करण से जुड़े अनेक परिवार इस कारोबार से जुड़े हुए हैं।
मेहंदी के अच्छे भाव मिलने का सीधा लाभ किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलता है। ऐसे में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
सोमवार के मेहंदी मंडी भाव
मेहंदी के पत्ते| भाव प्रति मन
न्यूनतम भाव| ₹3,000
एक भाव| ₹5,400
अधिकतम भाव| ₹6,100
किसानों के लिए जरूरी सूचना: मंडी भाव गुणवत्ता, आवक, नमी, तौल और बाजार की तत्काल मांग के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। ऊपर दिए गए भाव 28 सितंबर 2026 के उपलब्ध मंडी भाव हैं। बिक्री से पहले किसान ताजा भाव की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
ताजा मंडी भाव के लिए संपर्क
किसान भाई सोजत कृषि उपज मंडी में मेहंदी के ताजा भाव एवं अन्य मंडी संबंधी जानकारी के लिए कृषि मंडी अधिकारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
📞 कृषि मंडी अधिकारी: 9166373706
सोजत न्यूज़ — सच कहने का दम
वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
मेहंदी के पत्तों के भाव ₹3,000 से ₹6,100 प्रतिमन तक पहुंचे; उत्पादन घटने के बीच अच्छे भाव किसानों के लिए सहारा
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