पति की हत्या कर सांप के काटने का रचा था झूठा नाटक, रविता और प्रेमी अमरदीप को सजा-ए-मौत

राकेश भटनागर

सजा सुनते ही अदालत में रोने लगी रविता, अमरदीप ने भी लगाई रहम की गुहार; मेरठ की अदालत ने अपराध को माना ‘विरलतम में विरलतम’

मेरठ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित सांप कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी रविता कश्यप और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों पर रविता के पति अमित कश्यप की हत्या करने और इस वारदात को सांप के काटने से हुई मौत का रूप देने की साजिश रचने का आरोप था। अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी मानते हुए 16 अक्टूबर 2026 को फांसी की सजा सुनाई।

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अदालत में सजा सुनाए जाने के दौरान रविता और अमरदीप की प्रतिक्रिया को लेकर हो रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सजा सुनाए जाने से पहले रविता अदालत के सामने रोने लगी, जबकि अमरदीप ने भी रहम की गुहार लगाई। हालांकि, दोनों को सुनाई गई मौत की सजा के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होना बाकी है।

क्या थी पूरी घटना?

यह मामला मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। मृतक अमित कश्यप की उम्र करीब 32 वर्ष बताई गई है। अप्रैल 2025 में अमित का शव घर में बिस्तर पर मिला था। शव के पास एक जिंदा सांप भी मौजूद था। शुरुआती तौर पर परिजनों को आशंका हुई कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई होगी।

लेकिन मामले की जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे मौत की परिस्थितियों पर संदेह गहरा गया। अमित के शरीर पर गर्दन और नाक के आसपास चोट के निशान पाए गए। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें मौत का कारण सांप का काटना नहीं, बल्कि दम घुटना बताया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। इसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और रविता तथा अमरदीप की भूमिका की पड़ताल की।

हत्या को सांप के काटने की घटना दिखाने की थी कोशिश

पुलिस जांच और अभियोजन पक्ष के अनुसार, रविता और अमरदीप ने कथित तौर पर मिलकर अमित की हत्या की साजिश रची थी। आरोप था कि अमित की गला घोंटकर हत्या करने के बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने की कोशिश की गई।

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए एक सांप की व्यवस्था की गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, अमरदीप ने कथित तौर पर एक सपेरे से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। इसके बाद सांप को अमित के शव के पास रखा गया, ताकि परिजनों को उसकी मौत सर्पदंश से होने का भ्रम हो।

हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों ने इस कथित कहानी की पोल खोल दी। पुलिस ने मामले में जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।

अदालत में क्या हुई रविता और अमरदीप की प्रतिक्रिया?

इस मामले में सजा सुनाए जाने के समय दोनों दोषियों की प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

रविता अदालत के सामने रोने लगी: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने से पहले रविता भावुक हो गई और अदालत के सामने रोने लगी।

अमरदीप ने भी रहम की गुहार लगाई: रिपोर्टों में बताया गया है कि अमरदीप ने भी अदालत से राहत की मांग की। हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद दोनों को मृत्युदंड सुनाया।

दोनों की प्रतिक्रिया को लेकर सामने आई जानकारी मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। अदालत में उनकी भावनात्मक प्रतिक्रिया के बारे में इससे आगे के दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

अदालत ने क्यों सुनाई फांसी की सजा?

मेरठ की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए दोनों दोषियों को मृत्युदंड दिया। अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को दोनों को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोपों में दोषी ठहराया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को सजा सुनाई गई।

अभियोजन पक्ष ने अपराध की योजना, हत्या के तरीके और साक्ष्यों को छिपाने के कथित प्रयास को गंभीर बताते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी।

अदालत ने मामले को ‘विरलतम में विरलतम’ यानी रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का अपराध माना। इसी आधार पर दोनों को मृत्युदंड सुनाया गया।

जांच में इन साक्ष्यों की रही अहम भूमिका

इस मामले में जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया गया—

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत का कारण सांप का काटना नहीं, बल्कि दम घुटना सामने आया।
  • शरीर पर चोट के निशान: गर्दन और नाक के आसपास मिले निशानों ने संदेह को मजबूत किया।
  • सांप की व्यवस्था: जांच में सांप खरीदने और उसे शव के पास रखने से संबंधित आरोप सामने आए।
  • फोन रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य: पुलिस ने कथित साजिश की कड़ियां जोड़ने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का भी सहारा लिया।
  • गवाहों के बयान: अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए।

अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद दोनों को दोषी ठहराया।

अमित कश्यप के परिवार को मिला न्यायिक फैसले का सहारा

अमित कश्यप की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि उसकी मृत्यु वास्तव में कैसे हुई। शुरुआत में सांप के काटने की आशंका जताई गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद मामला हत्या की दिशा में आगे बढ़ा।

मृतक की मां मुनेश देवी ने दोनों आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को मामले में न्यायिक निर्णय मिला है।

हालांकि, मृत्युदंड सुनाया जाना और उस सजा का अंतिम रूप से लागू होना अलग-अलग कानूनी चरण हैं। दोषियों को कानून के तहत उपलब्ध अपील और अन्य प्रक्रियाओं का अधिकार रहता है।

मेरठ में लगातार चर्चित रहे दो हत्याकांड

रविता और अमरदीप को मृत्युदंड सुनाए जाने का फैसला ऐसे समय आया है, जब मेरठ में पति की हत्या के एक अन्य चर्चित मामले में भी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई गई थी।

दोनों मामलों में हत्या के बाद कथित तौर पर अपराध को छिपाने के प्रयास की बात सामने आई। लगातार सामने आए इन फैसलों ने लोगों का ध्यान आपराधिक मामलों की जांच, फोरेंसिक साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया की ओर आकर्षित किया है।

मेरठ का सांप कांड इस बात का उदाहरण है कि किसी संदिग्ध मौत की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जिस घटना को शुरुआत में सांप के काटने से हुई मौत समझा जा रहा था, जांच में वह हत्या का मामला बनकर सामने आई।

अदालत ने रविता कश्यप और अमरदीप को मृत्युदंड सुनाया है। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों के रोने और रहम की गुहार लगाने की खबरें भी सामने आई हैं। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

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ज्योतिष वास्तु शास्त्र
ओमप्रकाश बोराना

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