
जयपुर | राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर विधायकों की संपत्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 10 विधायकों की संपत्ति करोड़ों रुपये में दर्ज की गई है। इन विधायकों की घोषित चल-अचल संपत्ति ने न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में बल्कि आम जनता के बीच भी बहस छेड़ दी है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आंकड़े केवल विधायकों द्वारा घोषित संपत्ति पर आधारित हैं, इसमें किसी भी प्रकार का काला धन शामिल नहीं है। इसके बावजूद करोड़ों की संपत्ति रखने वाले ये विधायक प्रदेश की सबसे अमीर जनप्रतिनिधियों की सूची में शामिल हैं।
राजस्थान के 10 सबसे अमीर विधायक
1. सिद्धि कुमारी (बीकानेर) – ₹102 करोड़
2. विद्याधर सिंह (फुलेरा) – ₹70 करोड़
3. रामकेश मीना (गंगापुर सिटी) – ₹63 करोड़
4. कल्पना देवी (लाडपुरा) – ₹56 करोड़
5. ताराचंद जैन (उदयपुर) – ₹51 करोड़
6. रफीक खान (आदर्श नगर) – ₹51 करोड़
7. अशोक कोठारी (भीलवाड़ा) – ₹45 करोड़
8. गजेंद्र सिंह (लोहावट) – ₹29 करोड़
9. अशोक चांदना (हिंडोली) – ₹28 करोड़
10. चंद्रभान आक्या (चित्तौड़गढ़) – ₹27 करोड़
राजनीति और संपत्ति पर उठते सवाल
इन आंकड़ों के सामने आने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि राजनीति में बढ़ती संपन्नता का आम जनता से क्या सीधा सरोकार है। जहां एक ओर प्रदेश के कई इलाकों में बेरोजगारी, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे बने हुए हैं, वहीं जनप्रतिनिधियों की इतनी बड़ी संपत्ति राजनीतिक नैतिकता पर भी सवाल खड़े करती है।
*घोषित संपत्ति, फिर भी चौंकाने वाले आंकड़े*
विशेषज्ञों का मानना है कि ये आंकड़े केवल शपथ पत्रों में घोषित संपत्ति के हैं। यदि इसमें अन्य स्रोतों की जांच हो, तो तस्वीर और भी अलग हो सकती है। हालांकि कानून के दायरे में घोषित संपत्ति होने के कारण इसे वैधानिक माना जाता है।
फिलहाल, राजस्थान की राजनीति में अमीर विधायकों की यह सूची जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और आने वाले समय में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा



