सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
सोजत। प्रदेश में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर गुरुवार को अध्यक्ष पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। लॉटरी के परिणाम सामने आने के बाद सोजत क्षेत्र की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। सोजत सिटी नगरपालिका अध्यक्ष पद को अनारक्षित रखा गया है, जबकि नवगठित सोजत रोड नगरपालिका अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति ओपन (एससी ओपन) वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही संभावित दावेदारों और राजनीतिक दलों में चुनावी गणित को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
सोजत सिटी में अध्यक्ष पद अनारक्षित
सोजत सिटी नगरपालिका में कुल 40 वार्ड हैं। इस बार अध्यक्ष पद अनारक्षित किए जाने से सामान्य वर्ग सहित अन्य वर्गों के संभावित उम्मीदवारों के लिए चुनावी मैदान खुल गया है। आरक्षण की घोषणा के बाद अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर अध्यक्ष पद के दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
पिछले निकाय चुनाव में सोजत सिटी नगरपालिका अध्यक्ष पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। उस समय भारतीय जनता पार्टी का बोर्ड बना था और मंजू जुगलकिशोर निकुंम नगरपालिका अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। अब अध्यक्ष पद अनारक्षित होने के कारण आगामी चुनाव में मुकाबला पहले की तुलना में अलग राजनीतिक समीकरणों के साथ देखने को मिल सकता है।
दावेदारों में बढ़ेगी हलचल
अध्यक्ष पद अनारक्षित होने के बाद सोजत सिटी में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ना तय माना जा रहा है। वार्ड स्तर पर समीकरणों को साधने, समर्थकों को एकजुट करने और पार्टी स्तर पर टिकट के लिए दावेदारी मजबूत करने की कवायद शुरू होने की उम्मीद है।
नगरपालिका के 40 वार्डों में किस दल को कितनी सफलता मिलती है, यह अध्यक्ष पद के चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ऐसे में वार्ड पार्षदों के चुनाव के साथ-साथ अध्यक्ष पद के संभावित चेहरे को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सोजत रोड में पहली बार निकाय चुनाव की तैयारी
वहीं, नवगठित सोजत रोड नगरपालिका के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोजत रोड को नगरपालिका का स्वरूप मिलने के बाद यहां पहली बार निकाय चुनाव होने की उम्मीद है। लॉटरी में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति ओपन (एससी ओपन) के लिए आरक्षित होने से चुनावी तस्वीर काफी हद तक बदल गई है।
अब अनुसूचित जाति वर्ग के संभावित उम्मीदवारों के बीच अध्यक्ष पद को लेकर दावेदारी सामने आने की संभावना है। साथ ही राजनीतिक दल भी ऐसे उम्मीदवारों की तलाश और संगठनात्मक रणनीति बनाने में जुटेंगे, जो चुनावी मैदान में मजबूत स्थिति बना सकें।
सोजत रोड में रोचक होगा मुकाबला
सोजत रोड नगरपालिका के गठन के बाद यहां पहली बार पार्षदों का चुनाव होगा। ऐसे में नए नगरपालिका क्षेत्र में राजनीतिक दलों के सामने वार्डों में मजबूत प्रत्याशी उतारने के साथ-साथ बोर्ड बनाने की चुनौती रहेगी। अध्यक्ष पद एससी ओपन के लिए आरक्षित होने से इस वर्ग के संभावित उम्मीदवारों के बीच मुकाबला खासा रोचक रहने की संभावना है।
स्थानीय स्तर पर अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कौन-कौन से चेहरे अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल होंगे और किस राजनीतिक दल की ओर से किस उम्मीदवार को मैदान में उतारा जाएगा। हालांकि अंतिम तस्वीर चुनाव कार्यक्रम, वार्ड आरक्षण और राजनीतिक दलों द्वारा उम्मीदवारों के चयन के बाद ही स्पष्ट होगी।
आरक्षण से बदले स्थानीय राजनीतिक समीकरण
नगर निकाय चुनावों में अध्यक्ष पद का आरक्षण राजनीतिक समीकरणों को सीधे प्रभावित करता है। सोजत सिटी में पद अनारक्षित होने से जहां संभावित दावेदारों का दायरा बढ़ गया है, वहीं सोजत रोड में एससी ओपन आरक्षण के कारण अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं और संभावित उम्मीदवारों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
लॉटरी के परिणाम के बाद अब दोनों नगरपालिकाओं में चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राजनीतिक दल वार्डवार समीकरण, संभावित प्रत्याशियों, सामाजिक समीकरण और बोर्ड बनाने की रणनीति पर मंथन शुरू करेंगे।
अब सबकी निगाहें चुनाव कार्यक्रम, वार्ड आरक्षण और प्रत्याशियों की घोषणा पर टिकी हैं। सोजत सिटी में अनारक्षित अध्यक्ष पद और सोजत रोड में एससी ओपन आरक्षण ने आगामी निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
सोजत सिटी नगरपालिका अध्यक्ष पद अनारक्षित, सोजत रोड में एससी ओपन के लिए आरक्षित; निकाय चुनाव की लॉटरी से राजनीतिक सरगर्मियां तेज
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