सोजत में श्रद्धा और देशभक्ति के साथ मनाई गई अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद कि 95वीं पुण्यतिथि।

अकरम खान कि रिपोर्ट।
सोजत। अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की 95वीं पुण्यतिथि पर सोजत की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति कार्यालय में भावपूर्ण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने आजाद के अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेश ओझा ने की। उन्होंने पं. चंद्रशेखर आजाद को देश का सच्चा सिपाही बताते हुए मार्मिक पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं—
“बण कंगुरा मालिए चढ़ जावणो सोरो गणों,
नींव रा चंद्रशेखर बण जावणो दोरो गणों…”
समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार मेहता ने काव्यांजलि अर्पित करते हुए आजाद को क्रांतिकारियों की नींव का पत्थर बताया। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ खेल प्रशिक्षक सत्तूसिंह भाटी ने किया।

समारोह के प्रमुख सूत्रधार इतिहासकार चेतन व्यास ने आजाद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। स्वतंत्र लेखक-कवि नवनीत राय रुचिर ने देशभक्ति के दोहे सुनाकर माहौल को ओजपूर्ण बना दिया।
युवा शिक्षिका पूनम भटनागर ने देशभक्ति गीत “चलें हम फिदा जान-ओ-तन साथियों…” की प्रस्तुति देकर सभी को भावविभोर कर दिया।
समारोह में श्यामलाल परिहार, अशोक सैन, हितेंद्र व्यास, ड़ा रशीद गौरी, मोहनलाल राठौड़, जवरीलाल बौराणा, अभिनव कला मंच के अध्यक्ष गोरधनलाल गहलोत, पारसमल सिंगाड़िया, हरिकिशन चौहान, भंवर लाल पालीवाल, करणसिंह मोयल, चंद्रशेखर शर्मा तथा वरिष्ठ कवि रामस्वरूप भटनागर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विजय आदर्श विद्या मंदिर के व्यवस्थापक दिनेश सोलंकी, गजेंद्रसिंह मफावत, दुर्गेश व्यास, नरेंद्र मारू, किरण व्यास, शाहबाज खान, पारस जांगिड़, विद्या भार्गव, आशा माली, विजय लक्ष्मी, कौशल्या सोलंकी और आंचल भटनागर सहित विद्यार्थियों ने कविता, गीत और भाषण प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों—चिराग बोराणा, मोहित प्रजापत, खुशबू राठौड़, अक्षरा राठौड़, चांदनी भाटी, रिंकू राठौड़, मोनिका राठौड़, कुमकुम प्रजापत और डिंपल भाटी को अभिनव कला मंच की ओर से दिए गए पुरस्कार अतिथियों द्वारा वितरित किए गए।
कार्यक्रम का जोशीला संचालन इतिहासकार चेतन व्यास ने किया। समारोह देशभक्ति और प्रेरणा के भाव के साथ संपन्न हुआ।



