जयपुर की 200 साल पुरानी हवेली में निकला मुगलकालीन खजाना: 1500 चांदी के सिक्के 5 लोगों में बंटे, किसी ने बेटी की शादी में उड़ाए तो किसी ने चुकाया कर्ज

राकेश भटनागर

सोजत न्यूज़ | पत्रकार

जयपुर। राजधानी जयपुर में करीब 200 साल पुरानी हवेली की खुदाई के दौरान मिले ऐतिहासिक खजाने को कथित रूप से चोरी कर आपस में बांटने के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। हवेली की खुदाई के दौरान बड़ी संख्या में मुगलकालीन चांदी के सिक्के और चांदी की सिल्लियां मिलने के बाद ठेकेदार और मजदूरों पर इन्हें अपने कब्जे में लेकर आपस में बांटने के आरोप लगे। पूछताछ में आरोपियों ने सिक्कों को बेचने और उनसे मिले पैसों के इस्तेमाल को लेकर कई अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं।

1500 सिक्के, पांच लोगों में 300-300 का बंटवारा

जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार खुदाई के दौरान करीब 1500 मुगलकालीन चांदी के सिक्के मिले थे। आरोप है कि इन सिक्कों को पांच लोगों ने आपस में बराबर बांट लिया। प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में करीब 300-300 सिक्के आए।

इसके बाद इन सिक्कों को अलग-अलग तरीके से ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। पूछताछ में किसी ने सिक्के बेचकर मिले पैसे घरेलू जरूरतों में खर्च किए तो किसी ने अपनी आर्थिक परेशानियां दूर करने के लिए रकम का इस्तेमाल किया।

एक मजदूर ने सिक्के बेचकर कमाए 9 लाख रुपये

पुलिस पूछताछ में एक मजदूर से जुड़ी जानकारी सामने आई है कि उसने अपने हिस्से में आए ऐतिहासिक चांदी के सिक्कों में से कुछ को बेचकर करीब 9 लाख रुपये हासिल किए। इन पैसों का इस्तेमाल उसने अपनी जरूरतों में किया।

वहीं, दूसरे मजदूर ने कथित तौर पर सिक्कों को बेचकर हासिल रकम अपनी बेटी की शादी में खर्च कर दी। यानी जिस ऐतिहासिक संपत्ति की कीमत और महत्व आने वाले समय में और बढ़ सकता था, उसे तत्काल आर्थिक जरूरत पूरी करने में खर्च कर दिया गया।

किसी ने कर्ज चुकाया तो कोई शराब में उड़ा बैठा रकम

मामले में एक अन्य मजदूर के बारे में बताया जा रहा है कि उसने सिक्कों से प्राप्त रकम का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने में किया। इससे पता चलता है कि खजाने में मिले सिक्कों को आरोपियों ने किस तरह अपनी-अपनी आर्थिक जरूरतों के हिसाब से इस्तेमाल किया।

वहीं एक मजदूर ने सिक्के बेचकर मिली रकम कथित तौर पर शराब पीने में खर्च कर दी। बताया जा रहा है कि उसके पास अब केवल 12 चांदी के सिक्के बचे थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है।

पौने दो करोड़ की चांदी की सिल्लियों ने बढ़ाया रहस्य

मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू हवेली की खुदाई से मिली चांदी की सिल्लियां हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार खुदाई में बरामद चांदी की सिल्लियों की अनुमानित कीमत करीब पौने दो करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इन सिल्लियों को लेकर भी जांच एजेंसियां ऐतिहासिक और वित्तीय पहलुओं को खंगाल रही हैं। बताया गया है कि इन पर दर्ज जानकारी से संकेत मिलता है कि चांदी की ये सिल्लियां करीब 160 वर्ष पहले लंदन के सेंट्रल बैंक से जारी हुई थीं, जिसे आज बैंक ऑफ इंग्लैंड के नाम से जाना जाता है।

यदि जांच में यह जानकारी प्रमाणित होती है तो यह बरामदगी केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाएगी।

हवेली और खजाने के इतिहास की भी होगी पड़ताल

करीब 200 साल पुरानी हवेली से मुगलकालीन सिक्के और पुरानी चांदी की सिल्लियां मिलने के बाद अब जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी है कि यह खजाना हवेली के भीतर कैसे पहुंचा और इसे वहां किस दौर में छिपाया गया था।

इतिहासकारों और विशेषज्ञों की मदद से सिक्कों की पहचान, उनकी धातु, समयकाल, टकसाल और ऐतिहासिक महत्व की जांच की जा सकती है। इसी तरह सिल्लियों पर दर्ज निशानों और मुहरों की जांच से उनके वास्तविक स्रोत और समय की पुष्टि होने की उम्मीद है।

पुलिस की जांच में खुल सकते हैं और राज

फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र उन लोगों पर है, जिन्होंने कथित तौर पर खुदाई में मिले खजाने को अपने कब्जे में लिया और बाद में उसका बंटवारा किया। पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कुल कितनी संपत्ति मिली थी, उसमें से कितनी बरामद हो चुकी है और कितनी बाजार में बेच दी गई।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ऐतिहासिक सिक्कों को किन लोगों को बेचा गया और उनसे कितनी रकम प्राप्त हुई। यदि सिक्कों की बिक्री में कोई संगठित नेटवर्क सामने आता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

ऐतिहासिक धरोहर को लेकर भी उठे सवाल

जयपुर की पुरानी हवेलियां अपने स्थापत्य, इतिहास और विरासत के लिए प्रसिद्ध हैं। ऐसे में किसी ऐतिहासिक इमारत की खुदाई से इस तरह का खजाना निकलना अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण घटना है। इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि पुरानी इमारतों में निर्माण या मरम्मत के दौरान मिलने वाली ऐतिहासिक वस्तुओं को सुरक्षित रखने और उनकी सूचना संबंधित विभागों को देने की प्रक्रिया कितनी प्रभावी है।

फिलहाल 1500 मुगलकालीन सिक्कों का पांच लोगों में बंटवारा, एक मजदूर के पास बचे 12 सिक्कों की बरामदगी और करोड़ों रुपये मूल्य की चांदी की सिल्लियों से जुड़े खुलासों ने पूरे मामले को बेहद रोचक और गंभीर बना दिया है। पुलिस की आगे की जांच में इस ऐतिहासिक खजाने से जुड़े कई और राज सामने आने की संभावना है।

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