राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले: खेजड़ी संरक्षण कानून से UCC तक, कर्मचारियों और शहीद परिवारों के लिए भी अहम निर्णय, खेजड़ी काटने पर 1 लाख का जुर्माना और 1 साल की सजा


सोजत न्यूज़ | वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में राजस्थान मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। सरकार के निर्णयों का असर पर्यावरण संरक्षण, विवाह एवं उत्तराधिकार कानून, सरकारी कर्मचारियों, ग्रामीण जलापूर्ति, सैनिक परिवारों और सरकारी भर्ती व्यवस्था सहित कई क्षेत्रों पर पड़ेगा। कैबिनेट ने ‘द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026’ तथा ‘राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल-2026’ के प्रारूप को मंजूरी देते हुए इन्हें आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने का रास्ता साफ कर दिया है।

खेजड़ी समेत 29 वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए नया कानून

राजस्थान सरकार ने पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस कानून में राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पुष्प रोहिड़ा, बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरौंजी सहित कुल 29 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष जोर दिया जाएगा।

नए प्रावधानों के अनुसार गैर-वन भूमि पर खड़े वृक्षों को बिना अनुमति काटने पर कार्रवाई की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर एक वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान रहेगा।

किसी व्यक्ति को अपनी स्वामित्व अथवा कब्जे वाली भूमि पर खड़े वृक्ष को भी अधिकृत प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना काटने की अनुमति नहीं होगी। अनुमति लेकर वृक्ष काटने की स्थिति में निर्धारित संख्या में नए पौधे लगाना भी आवश्यक होगा।

राजस्थान में UCC बिल विधानसभा में होगा पेश

कैबिनेट ने राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल-2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी है। इसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों को व्यवस्थित और एकरूप करने का प्रावधान है।

प्रस्तावित UCC के प्रावधान अनुसूचित जनजातियों तथा संविधान के तहत संरक्षित पारंपरिक अधिकारों वाले वर्गों पर लागू नहीं होंगे।

विवाह का 60 दिन में पंजीकरण जरूरी

नए प्रस्ताव के तहत कानून लागू होने के बाद होने वाले विवाह का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।

हालांकि केवल पंजीकरण नहीं कराने या देरी होने से विवाह को अमान्य नहीं माना जाएगा। विवाह या तलाक के पंजीकरण संबंधी आवेदन पर रजिस्ट्रार को निर्धारित समय में प्रमाणपत्र जारी करना होगा अथवा आवेदन अस्वीकार करने का कारण लिखित रूप में बताना होगा।

बहुविवाह पर रोक, लिव-इन संबंधों की सूचना का प्रावधान

प्रस्तावित UCC में बहुविवाह पर रोक का प्रावधान किया गया है। साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप की शुरुआत और समाप्ति की लिखित सूचना या पंजीकरण का प्रावधान रखा गया है, जिसका उद्देश्य दोनों पक्षों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा देना बताया गया है।

उत्तराधिकार के मामले में बेटे और बेटी को समान अधिकार देने का प्रावधान भी प्रस्तावित कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में राहत

कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय भी किए हैं। कुछ मामलों में प्रमोशन के लिए आवश्यक अनुभव अवधि में दो वर्ष की छूट देने का निर्णय किया गया है।

इसके अलावा दिव्यांग कर्मचारियों को प्रमोशन में 30 जून 2016 से नोशनल बेनिफिट देने का प्रावधान किया गया है। इससे पात्र दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति संबंधी लाभ का रास्ता साफ होगा।

मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति

सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव का निर्णय लिया है। अब निर्धारित परिस्थितियों में मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्रवधू भी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र हो सकेगी। इस निर्णय से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनमें कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पुत्रवधू पर आ जाती है।

एकल महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव में सुविधा

एकल महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट ने राहत दी है। अब उन्हें चाइल्ड केयर लीव को छह चरणों में लेने की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। इससे नौकरी के साथ बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने वाली महिला कर्मचारियों को व्यावहारिक राहत मिलेगी।

सरोगेसी के मामलों में मातृत्व अवकाश

सरोगेसी से जुड़े मामलों में महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश के नए प्रावधान किए गए हैं। इसका उद्देश्य सरोगेसी के माध्यम से मातृत्व प्राप्त करने वाली महिला कर्मचारियों को सेवा नियमों के तहत उचित अवकाश सुविधा उपलब्ध कराना है।

ग्रामीण क्षेत्रों की जलापूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत ग्रामीण जलापूर्ति ढांचे के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियों को अधिक व्यवस्थित किया जाएगा।

ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे के दैनिक संचालन एवं रखरखाव में भूमिका निभाएंगी। कई ग्राम पंचायतों के समूह के स्तर पर क्लस्टर समिति बनाकर तकनीकी मार्गदर्शन देने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

1971 युद्ध के 35 शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार

कैबिनेट का एक महत्वपूर्ण फैसला 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों से जुड़ा है।

सरकार ने ऐसे 35 सैनिकों के परिवारों को भी अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने का रास्ता साफ किया है, जो युद्ध के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में 1 जनवरी से 31 अक्टूबर 1972 के बीच इलाज के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए।

इसके लिए संबंधित नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इससे इन वीर सैनिकों के परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी मिलने का अधिकार मिल सकेगा।

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग में 470 हॉस्टल अधीक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के राजकीय आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में कुल 470 हॉस्टल अधीक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ किया गया है।

इनमें हॉस्टल अधीक्षक महिला ग्रेड-2 के 254 पद भी शामिल हैं। पहले इन पदों को शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाता था। अब भर्ती नियमों में संशोधन कर परीक्षा, निगेटिव मार्किंग, न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक और विस्तृत पाठ्यक्रम से जुड़े प्रावधान जोड़े गए हैं।

अल्ट्राटेक सीमेंट को जैसलमेर में भूमि आवंटन

कैबिनेट ने अल्ट्राटेक सीमेंट से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। जैसलमेर में कंपनी को करीब 306 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

चार अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन

राजस्थान में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए चार अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी गई है। प्रदेश में सौर एवं अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार की दिशा में इसे महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

एस्केप जलाशय से प्रभावित 21 काश्तकारों को भूमि

कैबिनेट ने एस्केप जलाशय से प्रभावित 21 काश्तकारों को भूमि आवंटन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इससे प्रभावित किसानों को राहत मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

सरकार के फैसलों से कई वर्गों को राहत

राजस्थान मंत्रिमंडल के इन फैसलों को व्यापक दृष्टि से देखा जा रहा है। एक तरफ सरकार ने खेजड़ी समेत महत्वपूर्ण वृक्षों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून लाने का फैसला किया है, वहीं दूसरी ओर UCC के जरिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

सरकारी कर्मचारियों, दिव्यांग कर्मचारियों, एकल महिला कर्मचारियों, सरोगेसी से जुड़े मामलों और मृत कर्मचारियों के परिवारों के लिए किए गए निर्णयों से सेवा नियमों में राहत की उम्मीद है। वहीं 1971 युद्ध के शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार देने का फैसला सैनिक परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर आगामी विधानसभा सत्र में विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सोजत न्यूज़ | वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा

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