सोजत में फागोत्सव काव्य गोष्ठी आयोजित, रचनाकारों ने खेली काव्य रंगों की होली।

अकरम खान की रिपोर्ट।
सोजत। साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक संस्थान रुचिर विद्या साहित्य समिति के तत्वावधान में शनिवार अपराह्न स्थानीय केरियाजी बास स्थित शारदा विद्या पीठ माध्यमिक विद्यालय में होली के पावन अवसर पर भव्य फागोत्सव काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। शब्दों और सुरों के रंगों से सजी इस गोष्ठी में रचनाकारों ने विविध काव्य रसों की फुहारें छोड़ श्रोताओं को सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थानी के ख्यातनाम वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र लखावत रहे, जबकि अध्यक्षता पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी नाहरसिंह राठौड़ ने की। गोष्ठी का शुभारंभ कवि नवनीत राय ‘रुचिर’ ने मधुर सरस्वती वंदना से किया।

गीतकार हरीश चंद्र ने होली की मस्ती बिखेरती ग़ज़ल “मल दो जरा गुलाल साथियों फागुन आया है…” सुनाकर समां बांध दिया। संस्था अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बसंत लखावत ने अपनी रचना “रंग अबीरी अंग रच्यो है…” प्रस्तुत कर कार्यक्रम को ऊंचाई दी। कुंडलियाकार नवनीत राय ‘रुचिर’ के व्यंग्यात्मक दोहे “डाका डाला जेब पर, महँगाई ने आज…” पर खूब तालियां गूंजी।
मुख्य अतिथि वीरेंद्र लखावत ने मत्तगयंद छंद सवैया “भंग कि संगत पाय सभी जन…” सुनाकर श्रोताओं की भरपूर दाद बटोरी। इसी क्रम में वरिष्ठ कवि रामस्वरूप भटनागर, स्वतंत्र लेखक चेतन व्यास, ग़ज़लकार डॉ. रशीद गौरी, कवि विशनसिंह भाटी मेव, पैरोड़ीकार महेंद्र मेहता तथा युवा कवि राजेंद्र व्यास ने भी अपनी प्रतिनिधि रचनाएं प्रस्तुत कर वातावरण को काव्यमय बना दिया।

समारोह में वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेश ओझा, समाजसेवी श्यामलाल व्यास और जवरीलाल बोराणा ने भी काव्यात्मक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को गुदगुदाया। अध्यक्षीय उद्बोधन में नाहरसिंह राठौड़ की प्रस्तुति “मुबारक हो आपको यह रंग भरी होली…” को भी खूब सराहा गया।
आरंभ में अतिथियों ने माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना की। संस्था अध्यक्ष बसंत लखावत ने अतिथियों का स्वागत किया तथा अंत में आभार ज्ञापन चेतन व्यास ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का सरस एवं प्रभावी संचालन संस्था सचिव नवनीत राय ‘रुचिर’ ने किया।



