जोधपुर। शहर के करवड़ थाना क्षेत्र में बीती रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें स्कूटी (एक्टिवा) पर सवार मां और उसके दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा मंडलनाथ चौराहे पर हुआ, जहां तेज रफ्तार कंटेनर ने स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना ने पूरे इलाके को शोक और गुस्से में डाल दिया है।
कैसे हुआ हादसा?
करवड़ थाना इंचार्ज अवधेश सांधू ने बताया कि कंटेनर मंडलनाथ चौराहे से जोधपुर की ओर जा रहा था। उसी समय एक महिला अपने बेटे और बेटी के साथ स्कूटी पर सवार होकर चौराहा पार कर रही थी। तभी कंटेनर ने अनियंत्रित होकर उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि स्कूटी पर सवार तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस को जैसे ही इस हादसे की सूचना मिली, वह तुरंत मौके पर पहुंची। कंटेनर को कब्जे में ले लिया गया है, और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मृतकों की पहचान और स्थानीय आक्रोश
हादसे में जान गंवाने वाली महिला और उसके बच्चों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन यह घटना स्थानीय लोगों के लिए हिला देने वाली थी। हादसे के तुरंत बाद गुस्साए स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने चौराहे पर जाम लगा दिया और प्रशासन से मांग की कि तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगाई जाए।
लोगों का कहना है कि मंडलनाथ चौराहा एक व्यस्त मार्ग है, लेकिन यहां ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। अक्सर यहां तेज गति से वाहन चलते हैं, जो हादसों का कारण बनते हैं।
पुलिस और प्रशासन का कदम
करवड़ थाना इंचार्ज ने बताया कि पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभाला और गुस्साए लोगों को शांत कराया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मंडलनाथ चौराहे पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस ने बताया कि कंटेनर चालक को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि कंटेनर को कब्जे में ले लिया गया है, लेकिन चालक मौके से फरार हो गया था।
हादसे का कारण
यह हादसा कई समस्याओं की ओर इशारा करता है:
तेज रफ्तार और लापरवाही: कंटेनर की गति इतनी तेज थी कि चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका।
ट्रैफिक प्रबंधन की कमी: मंडलनाथ चौराहे पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं।
चौराहे पर सुरक्षा उपायों का अभाव: सिग्नल, सड़क संकेतक और रोशनी की कमी से यहां दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों की मांग
हादसे के बाद लोगों ने प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
मंडलनाथ चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।
तेज रफ्तार भारी वाहनों पर रोक लगाई जाए।
चौराहे पर यातायात पुलिस की तैनाती की जाए।
सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सिर्फ जोधपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में आम समस्या बन गई है। तेज गति, लापरवाह ड्राइविंग और कमजोर ट्रैफिक प्रबंधन के चलते हर दिन कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
मंडलनाथ चौराहे पर हुई इस दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। मां और बच्चों की मौत ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया, और स्थानीय लोग अब प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन को चाहिए कि वह इस हादसे को एक सबक मानकर जरूरी कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।