लाल सोना” बनेगी सोजत की मेहंदी! अब खेतों से बरसेगा मुनाफा,
🌿 लागत वही… कमाई दोगुनी! वैज्ञानिकों ने तैयार किया ‘सुपर मेहंदी’ पौधा, सोजत के किसानों की चमकेगी किस्मत

Hina Sojat
सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा*
पाली/सोजत (राजस्थान):
राजस्थान के पाली जिले का सोजत एक बार फिर सुर्खियों में है। सदियों से अपनी गहरी रंगत वाली मेहंदी के लिए मशहूर यह इलाका अब “लाल सोना” उगाने जा रहा है। वजह है वैज्ञानिकों की एक ऐसी खोज, जो खेती की तस्वीर ही बदल सकती है।
करीब एक दशक की मेहनत के बाद काजरी (CAZRI) पाली के वैज्ञानिकों ने मेहंदी के ऐसे खास पौधे तैयार किए हैं, जो कम लागत में ज्यादा उत्पादन और बेहतरीन रंग देने की क्षमता रखते हैं।
क्यों कहलाएगा ये “सुपर मेहंदी”?
इस नई किस्म को किसान “जादुई” मान रहे हैं, क्योंकि इसमें हैं कई दमदार खूबियां—
🔴 गहरा और टिकाऊ रंग – ‘लॉसोन’ कंटेंट पहले से ज्यादा
🌿 रिकॉर्ड उत्पादन – प्रति हेक्टेयर 1200 किलो तक अतिरिक्त पत्तियां
लंबे समय तक पत्तियां – देर से फूल आने के कारण ज्यादा ग्रोथ
सीधा फायदा – बाजार में मिलेगी ऊंची कीमत
10 साल का रिसर्च, 19 पौधों की जांच
वैज्ञानिकों ने मेहंदी के 19 अलग-अलग जर्मप्लांट पर गहराई से अध्ययन किया।
इस लंबे रिसर्च के बाद दो ऐसी बेहतरीन किस्में सामने आईं, जिनमें—
रंग देने वाला तत्व ज्यादा
पत्तियों का उत्पादन ज्यादा
और क्वालिटी भी इंटरनेशनल लेवल की
किसानों के लिए “गेम चेंजर”
सोजत क्षेत्र में करीब 35 हजार हेक्टेयर में मेहंदी की खेती होती है। इस नई खोज से—
किसानों की आय में बड़ा उछाल आएगा
एक्सपोर्ट क्वालिटी तैयार होगी
सोजत बनेगा मेहंदी का ग्लोबल हब
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
डॉ. अनिल कुमार शुक्ला बताते हैं—
“नई किस्म में न सिर्फ उत्पादन बढ़ा है, बल्कि मेहंदी का रंग भी ज्यादा गहरा और टिकाऊ है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे।”
दुनिया में बढ़ेगी “सोजत ब्रांड” की धाक
पहले से ही सोजत की मेहंदी देश-विदेश में लोकप्रिय है। अब इस नई तकनीक के बाद
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डिमांड बढ़ेगी
किसानों को मिलेगा प्रीमियम प्राइस
भारत की मेहंदी बनेगी ग्लोबल ब्रांड
आखिरी बात
ये सिर्फ एक नई फसल नहीं, बल्कि किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफे का फॉर्मूला है।
अगर यह “सुपर मेहंदी” बड़े पैमाने पर अपनाई गई, तो सोजत की धरती सच में “लाल सोना” उगलेगी और किसानों की किस्मत चमका देगी।



