
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
प्रयागराज। महाकुंभ 2025 की तैयारी के बीच प्रयागराज में हाल ही में हुई भगदड़ की घटना ने श्रद्धालुओं के बीच दहशत फैला दी है। इस दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। प्रशासन ने अब तक 24 अज्ञात शवों की पहचान के लिए विभिन्न इलाकों में पोस्टर चस्पा किए हैं।
पोस्टमार्टम हाउस पर मृतकों के पोस्टर
प्रयागराज के पोस्टमार्टम हाउस पर उन अज्ञात मृतकों की तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए गए हैं, जिनकी अब तक पहचान नहीं हो सकी है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई इन शवों को पहचानता हो तो तत्काल पुलिस या प्रशासन से संपर्क करे।
कैसे हुई भगदड़?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह भगदड़ भीषण भीड़ और अव्यवस्थित प्रशासनिक नियंत्रण के कारण हुई। मुख्य स्नान घाटों पर जबरदस्त भीड़ उमड़ने से पुलिस प्रशासन नियंत्रण खो बैठा, जिससे अचानक भगदड़ मच गई। श्रद्धालु एक-दूसरे को कुचलते हुए आगे बढ़ने लगे, जिससे कई लोगों की जान चली गई।
अस्पतालों में भर्ती घायल श्रद्धालु
हादसे में कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें प्रयागराज के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, कई लोगों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ। अब प्रशासन सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई रणनीति बनाने की तैयारी में है।
शवों की पहचान के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन ने मृतकों की पहचान के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि किसी को अपने परिजन की तलाश हो तो वह इन नंबरों पर संपर्क कर सकता है।
👉 हेल्पलाइन नंबर: 112, 1090, 1800-123-4567
इस दर्दनाक हादसे ने महाकुंभ की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को कठोर कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की भयावह घटनाएं न हों।