
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
लुधियाना: पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। गिल रोड स्थित विश्वकर्मा चौक के पास एक साइकिल पार्ट्स बनाने वाली फैक्टरी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ मजदूर अंदर ही फंस गए। इस हादसे में दो नाबालिग मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य बुरी तरह झुलस गए।
आग लगते ही मची भगदड़, फैक्टरी में फंसे मजदूर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह जब फैक्टरी में काम चल रहा था, तभी अचानक आग भड़क उठी। वहां मौजूद मजदूरों में भगदड़ मच गई, कई लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कुछ मजदूर अंदर ही फंस गए।
स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। दमकल की तीन-चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
दो नाबालिग मजदूरों की मौत, दो गंभीर रूप से घायल
आग पर काबू पाने के बाद फैक्टरी में सर्च ऑपरेशन किया गया, जिसमें दो नाबालिग मजदूरों के शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान रिहान (16) और नियाज (17) के रूप में हुई है। वहीं, गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों की पहचान आरिफ और अली के रूप में हुई है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फैक्टरी मालिक पर मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और थाना डिवीजन छह की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था और वहां कई नाबालिग मजदूर काम कर रहे थे। पुलिस ने फैक्टरी मालिक गुरप्रीत सिंह उर्फ मोनू गाबा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
कैसे लगी आग? फैक्टरी में मौजूद था ज्वलनशील केमिकल
मोनू साइकिल इंडस्ट्री में साइकिल के पार्ट्स और गद्दी के कवर बनाए जाते हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार के कैमिकल और सॉल्यूशन का इस्तेमाल होता है। संभावना जताई जा रही है कि किसी केमिकल के संपर्क में आने से आग लगी होगी। हालांकि, दमकल विभाग और पुलिस आग लगने के सही कारणों की जांच कर रही है।
फैक्टरी में नाबालिग मजदूरों के काम करने पर सवाल
इस घटना ने बाल श्रम कानूनों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फैक्टरी में कई नाबालिग मजदूरों के काम करने की बात सामने आई है, जो नियमों के विरुद्ध है। मजदूरों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि फैक्टरी मालिक बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के बच्चों से काम करवा रहा था, जिससे यह हादसा हुआ।
प्रशासन पर उठे सवाल, सुरक्षा मानकों की अनदेखी
इस हादसे के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता और उचित अग्निशमन उपकरण मौजूद होते, तो यह हादसा टल सकता था।
सरकार से मुआवजे की मांग
मृतकों के परिजनों ने सरकार से मुआवजे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस हादसे के बाद लुधियाना के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।