घटना का पृष्ठभूमि
2 मार्च की रात को पुष्कर के बूढ़ा पुष्कर रोड पर तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। अधिवक्ता पुरुषोत्तम जाखेटिया ने डीजे बंद करने का अनुरोध किया, जिस पर कुछ युवकों ने उनके घर में घुसकर उन पर लाठियों से हमला किया। गंभीर रूप से घायल जाखेटिया को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद शुक्रवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई।
अजमेर में उग्र प्रदर्शन
अधिवक्ता जाखेटिया की मृत्यु के बाद, अजमेर में वकीलों और स्थानीय नागरिकों में आक्रोश फैल गया। शुक्रवार को वकीलों ने अदालत परिसर में प्रदर्शन किया और हंगामा किया। आक्रोशित वकीलों ने अदालत परिसर से लोगों और पुलिसकर्मियों को बाहर निकाल दिया और परिसर के अंदर की दुकानों को बंद करा दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
वकीलों की मांगें और आगामी बंद का आह्वान
अजमेर बार एसोसिएशन ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मुआवजा और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो शनिवार को अजमेर, पुष्कर और ब्यावर शहर में बंद का आयोजन किया जाएगा। बंद के दौरान केवल चिकित्सा सुविधाएं, स्कूल वैन, बसें और पेट्रोल पंप ही खुले रहेंगे। वकीलों ने यह भी मांग की है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और तीन वाहनों (जीप, डीजे, पिकअप) को जब्त किया है। पुष्कर थाना अधिकारी घनश्याम सिंह राठौड़ ने बताया कि मुख्य आरोपी शक्ति सिंह, हेमराज मेघवाल और पप्पू सिंह रावत को गिरफ्तार किया गया है। शक्ति सिंह के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त जीप भी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समाज में आक्रोश और सुरक्षा की मांग
इस घटना ने समाज में गहरा आक्रोश पैदा किया है। वकीलों और नागरिकों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के हर वर्ग को यह सोचने पर मजबूर करती है कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।