(✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा)

जयपुर/सोजत। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। पायलट ने सरकार के फैसलों और कार्यप्रणाली को जनविरोधी और असफल करार देते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हो रही है। “राज्य की कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है, किसान बिजली और खाद के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और सरकार जनता के भरोसे को तोड़ रही है। यह सरकार अब भगवान भरोसे चल रही है,” पायलट ने कहा।
जिले और संभाग समाप्त करने का फैसला जनविरोधी
पायलट ने राज्य सरकार के हालिया निर्णय, जिसमें नए जिले और संभाग समाप्त करने की योजना है, को पूरी तरह गलत ठहराया। उन्होंने कहा, “यह फैसला न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अनुचित है, बल्कि जनता की आवश्यकताओं के खिलाफ भी है। हम इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे और सरकार से स्पष्ट जवाब मांगेंगे।”
इंग्लिश मीडियम स्कूलों की समीक्षा पर सवाल
सचिन पायलट ने इंग्लिश मीडियम स्कूलों की समीक्षा के फैसले को भी जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा, “सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति को रोकने का प्रयास है। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों को सीधा नुकसान होगा।”
कानून व्यवस्था और किसान मुद्दों पर हमला
राजस्थान में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पायलट ने कहा, “राज्य में अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा है। महिलाएं और बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।”
किसानों की समस्याओं पर उन्होंने कहा, “किसान बिजली और खाद की समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। अगर यही हाल रहा, तो राज्य में किसान आंदोलन और तेज हो जाएगा।”
विधानसभा में उठाएंगे सवाल
सचिन पायलट ने कहा कि वह इन सभी मुद्दों को विधानसभा सत्र में मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा, “जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना हर सरकार की जिम्मेदारी है। लेकिन इस सरकार ने जनहित से जुड़े हर पहलू पर सिर्फ निराशा ही दी है।”
पायलट का इशारा: बदलाव की जरूरत
अपने बयान के अंत में पायलट ने यह भी संकेत दिया कि राजस्थान को एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो जनता की समस्याओं को समझे और उन्हें हल करे। उनका यह प्रहार राज्य में राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा सकता है।