आज के दौर में हृदय रोग एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। 40 की उम्र आते-आते अधिकतर लोगों को हृदय संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। इसका मुख्य कारण है व्यायाम की कमी और अधिक चिकने भोजन का सेवन, जिससे रक्त वाहिनियों में रुकावट आ जाती है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इस लेख में हम हार्ट से जुड़ी समस्याओं के कारण, निवारण और घरेलू उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
हार्ट प्रॉब्लम के मुख्य कारण:
- व्यायाम की कमी – शारीरिक गतिविधियों में कमी से रक्त संचार प्रभावित होता है।
- अस्वस्थ खान-पान – तैलीय और जंक फूड खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
- मानसिक तनाव – अधिक चिंता और तनाव से रक्तचाप असंतुलित हो जाता है।
- मोटापा – वजन बढ़ने से हृदय पर अधिक दबाव पड़ता है।
- धूम्रपान और शराब – ये दोनों ही हृदय को कमजोर करते हैं।
हृदय रोग से बचाव के लिए अपनाएं यह योग:
40 की उम्र के बाद नियमित रूप से योग और व्यायाम करने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और हृदय स्वस्थ रहता है।
प्राकृतिक उपचार और घरेलू नुस्खे:
1. दशमूल और गोधन अर्क का सेवन
- दशमूल अर्क – 20 ml
- गोधन अर्क – 10 ml
- शहद – 1 चमच
इन तीनों को मिलाकर सुबह और शाम सेवन करें। यह हृदय की रक्त वाहिनियों को खोलता है और हृदय को मजबूत बनाता है। (गोधन अर्क पतंजलि स्टोर पर उपलब्ध है)
2. अर्जुनारिष्ट का उपयोग
- अर्जुनारिष्ट – 3 चमच
- पानी मिलाकर भोजन के बाद सेवन करें
यह उपाय हृदय की धमनियों को मजबूत करता है और ब्लॉकेज को रोकने में सहायक होता है।
विशेष सावधानियां एवं परहेज़:
- बवासीर (Piles) से पीड़ित लोग – शहद की जगह नींबू का प्रयोग करें।
- तैलीय भोजन, जंक फूड और पैक्ड फूड से बचें।
- रोग की प्रकृति और गंभीरता को समझें और आवश्यकतानुसार डॉक्टर की सलाह लें।
हार्ट प्रॉब्लम के लिए विशेष नुस्खा:
आवश्यक सामग्री:
- 1/2 किलो ताजा सेब का रस
- 250 ग्राम बदामी गाजर का रस
- 750 ग्राम बिकानेरी मिश्री
बनाने की विधि: तीनों को अच्छी तरह मिलाकर मिश्री पूरी तरह घुलने तक हिलाएं। इसे फ्रिज में रखें और 5 दिन तक इस्तेमाल करें।
सेवन विधि:
- सुबह और शाम एक कप खाली पेट लें।
- शुगर मरीजों के लिए मिश्री की मात्रा 250 ग्राम करें।
- सेवन से पहले 30 मिनट फ्रिज से निकालकर रखें ताकि सामान्य तापमान पर आ जाए।
दूसरा उपाय:
- रात में 5 पिस्ते के दाने 1 कप पानी में भिगो दें।
- सुबह उठकर सबसे पहले पिस्ते खाएं और 3 घूंट पानी पिएं।
- यह उपाय हार्ट बीट बढ़ना, घबराहट और हृदय की कमजोरी को दूर करता है।
परहेज:
- घी, मक्खन, तेल का कम से कम सेवन करें।
- बाहर का खाना और फास्ट फूड पूरी तरह से बंद करें।
- मधुमेह रोगी मिश्री की मात्रा को सीमित करें।
यह घरेलू उपाय न केवल हृदय रोग से बचाव करते हैं, बल्कि उन्हें नियंत्रित करने में भी मददगार साबित हो सकते हैं। यदि आप इन उपायों को लगातार अपनाते हैं, तो हृदय से जुड़ी समस्याओं में निश्चित रूप से सुधार होगा।
महत्वपूर्ण: यदि हृदय रोग गंभीर है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उचित चिकित्सा लें।
नोट: इस पोस्ट को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएं क्योंकि नर सेवा ही नारायण सेवा है।