सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
उत्तराखंड के प्रतिष्ठित केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 3 नवंबर को प्रातः 8:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। यह परंपरा शीतकाल के दौरान हर वर्ष निभाई जाती है, जिससे कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के कारण मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए कुछ महीनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं। यह निर्णय हर वर्ष की भांति इस बार भी मंदिर समिति द्वारा लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, भक्तों की भारी भीड़
आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जो अंतिम दिन के दर्शन के लिए उमड़ी थी। बता दें कि इस वर्ष केदारनाथ के कपाट 10 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे।
शीतकाल में भक्त करेंगे ऑनलाइन दर्शन
कपाट बंद होने के बाद शीतकाल के दौरान भक्त ऑनलाइन दर्शन कर सकते हैं और आधिकारिक वेबसाइट पर मंदिर के पुजारियों द्वारा विशेष अनुष्ठानों को देखा जा सकता है। यह कदम उन भक्तों के लिए राहत का माध्यम है, जो ठंड के कारण यात्रा नहीं कर पाते हैं।
शीतकाल में पुजारी ओंकारेश्वर मंदिर में करेंगे पूजा
केदारनाथ के शीतकालीन प्रवास के तहत भगवान शिव की पूजा अब ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में होगी। भक्तजन वहां भी पूजा में सम्मिलित होकर भगवान के आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
केदारनाथ धाम में होने वाली इस धार्मिक परंपरा से पूरे उत्तराखंड में एक विशेष श्रद्धा का माहौल बनता है, और यह क्षेत्र के पर्यटन और अर्थव्यवस्था में भी योगदान देता है।