✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
जयपुर: जयपुर वेस्ट पुलिस ने बिना पुलिस सत्यापन के किराएदारों को रखने वाले मकान मालिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कई अपराधियों को शरण देने के मामले में पुलिस ने 11 मकान मालिकों के खिलाफ धारा 223B के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि 4 मकान मालिकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि इन मकान मालिकों के यहां रह रहे किराएदारों के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
बिना सत्यापन किराए पर मकान देना पड़ेगा भारी
जयपुर वेस्ट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन किसी को भी किराए पर रखना कानून का उल्लंघन है। हाल ही में हुए अपराधों की जांच में पाया गया कि कई बदमाश बिना सत्यापन के मकानों में रहकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने शहरभर में ऐसे मकान मालिकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है।
चार मकान मालिक गिरफ्तार, 11 पर केस दर्ज
जयपुर वेस्ट पुलिस के अनुसार, 11 मकान मालिकों के किराएदारों की पृष्ठभूमि की जांच की गई, जिसमें सामने आया कि उन पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद मकान मालिकों ने बिना पुलिस सत्यापन उन्हें किराए पर मकान दिया। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने चार मकान मालिकों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य पर मामला दर्ज कर जांच जारी है।
कौन हैं गिरफ्तार मकान मालिक?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए मकान मालिकों में जयपुर के विभिन्न इलाकों में मकान किराए पर देने वाले लोग शामिल हैं। इनमें से कुछ को पहले भी पुलिस ने सत्यापन को लेकर नोटिस भेजा था, लेकिन उन्होंने इस निर्देश का पालन नहीं किया।
किराएदारों पर दर्ज हैं संगीन मामले
पुलिस जांच में सामने आया कि इन 11 मकान मालिकों के यहां रहने वाले किराएदारों के खिलाफ कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूट, धोखाधड़ी, नशे की तस्करी और मारपीट जैसे अपराध शामिल हैं। कुछ किराएदारों पर अवैध गतिविधियों को संचालित करने के भी आरोप हैं।
जयपुर वेस्ट पुलिस ने जनता से की अपील
जयपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई संदिग्ध व्यक्ति किराए पर रह रहा है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने मकान मालिकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर बिना सत्यापन किराएदारों को रखा गया, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
पूरे जिले में चलेगा अभियान
जयपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सिर्फ जयपुर वेस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले में इसे लागू किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर मकान मालिक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ हो।
क्या करें मकान मालिक?
- किराएदार रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं।
- यदि कोई किराएदार संदिग्ध गतिविधियों में शामिल है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- किराए पर दिए गए मकान की नियमित जांच करें और आवश्यक दस्तावेज रखें।
- पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जयपुर वेस्ट पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद अब अन्य मकान मालिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। यदि कोई भी बिना सत्यापन किराए पर मकान देता है और वहां आपराधिक गतिविधियां होती हैं, तो वह खुद भी कानूनी शिकंजे में आ सकता है।