राकेश भटनागर
जयपुर, 10 जुलाई 2026। राजस्थान में सभी प्रकार के पट्टों एवं नियमन की प्रक्रिया को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। न्यायालय द्वारा संबंधित प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने के बाद राज्य सरकार ने भी तत्काल प्रभाव से सभी प्रकार के पट्टा जारी करने तथा नियमन से जुड़ी कार्यवाहियों पर रोक लगा दी है।
राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार अब अगले आदेश तक किसी भी प्रकार के नए पट्टे जारी नहीं किए जाएंगे और न ही नियमन से संबंधित कोई नई कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे प्रदेशभर के नगरीय निकायों, स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों में चल रही पट्टा एवं नियमन की प्रक्रियाएं फिलहाल स्थगित हो गई हैं।
सरकारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जब तक इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं किए जाते, तब तक किसी भी स्तर पर पट्टा वितरण या नियमन की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को न्यायालय के आदेश और राज्य सरकार के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस निर्णय का असर उन हजारों आवेदकों पर पड़ेगा, जिन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत पट्टा प्राप्त करने या भूमि एवं भवन के नियमन के लिए आवेदन किए थे। ऐसे सभी मामलों की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है और अब उन्हें राज्य सरकार के आगामी आदेशों का इंतजार करना होगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सरकार न्यायालय के आदेशों का अध्ययन करने के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि पट्टा वितरण और नियमन की प्रक्रिया किस प्रकार और किन शर्तों के साथ दोबारा शुरू की जाएगी।
फिलहाल प्रदेशभर में पट्टों एवं नियमन से संबंधित सभी कार्यवाहियां अगले आदेश तक पूरी तरह स्थगित रहेंगी।


