सोजत कृषि मंडी में मेंहदी पत्ते की कीमत ₹3,000 से ₹5,500 प्रति मन तक दर्ज की गई है।
इस मूल्य में उतार-चढ़ाव फसल की गुणवत्ता, मांग और आपूर्ति की स्थिति पर निर्भर करता है। यदि आप ताजा अपडेट चाहते हैं तो मैं मंडी समिति या व्यापारियों से संपर्क करके सटीक जानकारी निकाल सकता हूँ। क्या आपको आज की अन्य फसलों के भाव भी चाहिए?
मंदसौर, 1 मार्च 2025 – मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए राहतभरी घोषणा की है। राज्य में रबी वर्ष 2024-25 (विपणन वर्ष 2025-26) के लिए चना, मसूर और सरसों की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने का निर्णय लिया गया है। यह उपार्जन 25 मार्च से 31 मई 2025 तक चलेगा। इस योजना के तहत किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
समर्थन मूल्य घोषित
सरकार ने इस बार इन फसलों का समर्थन मूल्य इस प्रकार तय किया है:
- चना – ₹5,650 प्रति क्विंटल
- मसूर – ₹6,700 प्रति क्विंटल
- सरसों – ₹5,950 प्रति क्विंटल
पंजीयन प्रक्रिया और समय-सीमा
किसानों को अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए 20 फरवरी 2025 से 10 मार्च 2025 तक पंजीयन कराना होगा। यह प्रक्रिया खाद्य विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध होगी, ठीक उसी तरह जैसे गेहूं फसल के लिए पंजीयन किया जाता है।
कैसे करें पंजीयन?
- किसान खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।
- निकटतम सेवा सहकारी समिति में जाकर भी पंजीयन कराया जा सकता है।
- पंजीयन के बाद किसान स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे, जिससे उन्हें खरीद केंद्र पर फसल बेचने की तारीख मिलेगी।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना
- पंजीयन समय-सीमा में ही कराना अनिवार्य होगा।
- यदि किसान निर्धारित समय में पंजीयन नहीं कराते हैं, तो वे समर्थन मूल्य योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
- गेहूं के उपार्जन की नीति के अनुरूप ही चना, मसूर और सरसों की खरीदी होगी।
कृषकों के लिए सरकार की पहल
राज्य सरकार का यह कदम किसानों के लिए आर्थिक संबल प्रदान करेगा और उनकी उपज का उचित दाम सुनिश्चित करेगा। इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों को बाजार में फसल बेचने की चिंता से राहत मिलेगी।
किसान भाइयों से अपील है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और 20 फरवरी से 10 मार्च के बीच पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं।
✍️ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा