गर्ल्स इस्लामिक आर्गेनाइजेशन आफ राजस्थान सर्किल ब्यावर ने किया रोज़ा इफ्तार पार्टी का आयोजन

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
ब्यावर।गर्ल्स इस्लामिक आर्गेनाइजेशन आफ राजस्थान सर्किल ब्यावर की तरफ से रोज़ा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। जिसकी सदारत मुमताज़ अली सहसचिव जमाअते इस्लामी हिन्द ज़िला -ब्यावर, अजमेर व राजसमन्द ने की व मेहमान -ए- ख़सुसी मेहबूब खान डायरेक्टर इक़रा पब्लिक माध्यमिक विद्यालय ब्यावर थे। इस मौके पर शमामा बानो सदर गर्ल्स इस्लामिक आर्गेनाइजेशन आफ राजस्थान सर्किल ब्यावर ने अपने बातें रखते हुए कहा कि यह रोज़ों का जो बाबरकत माह चल रहा है। यह हमारे लिए बहुत कीमती माह क्योंकि अल्लाह तआला इस माह में हर नेक व अच्छे काम का बदला कई गुना बढ़ा कर देता है। बन्दे की जैसी नियत होती उसके मुताबिक एक से लेकर सात सो तक नेकियों का अज्रो सवाब देता है। और अल्लाह तआला फ़रमाता है कि रोज़ा मेरे लिए है में जितना चाहूंगा बदला दूंगा। मेरी बहिनों इस माह के आखिरी दस दिनों में एक रात ऐसी है जो हजार महिनों से भी बेहतर है। जिसको लैलुलकदर कहते हैं। तो हमको इस रात को हासिल करने के लिए रात में इबादत करना चाहिए।और इस मौके पर मुस्कान बानो सचिव गर्ल्स इस्लामिक आर्गेनाइजेशन आफ राजस्थान सर्किल ब्यावर ने भी अपनी बातें रखते हुए कहा कि यह महिना मुसलमानों लिए तरबियत (ट्रेंनिग) का महिना है। जो बाकी ग्यारह महीनों के लिए तैयार करता है। इस महिने में हर मर्द – औरत बालिग पर रोज़े फ़र्ज़ किए गए हैं । जिसके जरिए इंसान हर बुराई से बचता है और नेकी के काम करता है। और जब हम रोज़े रखते हैं तो भूख – प्यास का भी अहसास होता है तो इससे यह भी पता चलता है कि ग़रीबी व मजबूरी किया होती है। तो इस वजह से गरीब, यतीम, विधवाओं व बेसहाराओं की मदद का भी जज्बा पैदा होता है। और इस माह में शैतानों को जन्जीरों में जकड़ दिया जाता है। इसलिए भी नेकी के काम करना आसान हो जाता है। और दोजख दरवाजे बन्द कर दिए जाते हैं ।और जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। एक खास बात यह भी है कि जो दूसरों का रोज़ा बुलवायेगा तो रोज़ा खुलवाने पर उसके रोज़े का सवाब भी मिलेगा और रोजेदार के रोज़े में कोई कमी नहीं होगी। मुमताज़ अली सहसचिव जमाअते इस्लामी हिन्द ज़िला -ब्यावर अजमेर व राजसमन्द ने भी अपनी बातें रखीं। इस मौके पर सलमा बानो, सुगना बानो, नसीबा बानो, सादिया बानो, मुस्कान बानो, रजिया बानो, शबनम बानो,फरीदा बानो, हफीज़ा बानो, रूकसाना बानो, रूबीना परवीन, शाकिरा बानो, शहनाज़ बानो,शमा परवीन व बड़ी तादाद में छात्राएं मौजूद थी। सभी ने एक साथ रोज़ा इफ्तार, खाना व नमाज़ अदा की। अन्त में मेहबूब खान डायरेक्टर इक़रा पब्लिक माध्यमिक विद्यालय ब्यावर ने सभी का शुक्रिया अदा किया।

