सोजत न्यूज़ वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा
रणनीतिक शक्ति में ऐतिहासिक बढ़ोतरी, ओडिशा के चांदीपुर से हुआ सफल लॉन्च, सभी तकनीकी मापदंडों पर खरा उतरा परीक्षण
तारीख: 21 अगस्त 2025
स्थान: चांदीपुर, ओडिशा
🚀 ऐतिहासिक उपलब्धि: भारत ने बढ़ाई परमाणु प्रतिरोधक क्षमता
भारत ने आज एक और बड़ी सैन्य और रणनीतिक उपलब्धि हासिल की है। ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से देश की परमाणु सक्षम इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) ‘अग्नि-5’ का सफल परीक्षण किया गया। यह मिसाइल 5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सटीक मार करने में सक्षम है, जिससे अब चीन के प्रमुख शहरों और पाकिस्तान के सभी रणनीतिक ठिकानों को भारत की जद में माना जा रहा है।
परीक्षण के प्रमुख बिंदु:
मिसाइल का नाम: अग्नि-5
दूरी (रेंज): 5,000+ किलोमीटर
किसके तहत परीक्षण: स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC)
स्थान: इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR), चांदीपुर, ओडिशा
तारीख व समय: 20 अगस्त 2025
परीक्षण की स्थिति: पूर्णतः सफल
किसने पुष्टि की: भारत सरकार का रक्षा मंत्रालय
तकनीकी विशेषताएं:
विशेषता विवरण
इंजन प्रणाली तीन-स्तरीय (Three-stage) सॉलिड फ्यूल
मार्गदर्शन अत्याधुनिक इनर्शियल और सैटेलाइट आधारित
प्रक्षेपण क्षमता मोबाइल और लैंड-बेस्ड सिस्टम
हथियार क्षमता परमाणु हथियार ले जाने में पूर्ण सक्षम
सटीकता उच्च स्तर की सटीकता (Accuracy with Circular Error Probability under 10 meters)
रणनीतिक महत्व:
‘अग्नि-5’ का यह परीक्षण भारत के लिए सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि रणनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर एक मजबूत संदेश है। यह मिसाइल भारत की “नो फर्स्ट यूज” (NFU) नीति के तहत न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता (Minimum Credible Deterrence) बनाए रखने में मदद करती है।
अब भारत की पहुंच में चीन की राजधानी बीजिंग, शंघाई जैसे औद्योगिक केंद्र और पाकिस्तान के सभी सैन्य अड्डे आ गए हैं। यह परीक्षण क्षेत्रीय संतुलन में भारत की भूमिका को और सशक्त बनाता है।
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया:
डॉ. अजय सक्सेना, रक्षा विश्लेषक
> “यह परीक्षण केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक की पराकाष्ठा को दर्शाता है। अग्नि-5 भारत की सुरक्षा नीति की रीढ़ है।”
रिटायर्ड ले. जनरल आर.एन. सिंह
> “इस परीक्षण के बाद भारत की रणनीतिक शक्ति को कोई नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता। चीन और पाकिस्तान को अब भारत के नए सुरक्षा घेराबंदी का सामना करना होगा।”
🇮🇳 भारत की आत्मनिर्भरता की मिसाल
यह परीक्षण ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का भी एक बड़ा उदाहरण है। अग्नि-5 पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने विकसित किया है।
‘अग्नि-5’ का सफल परीक्षण भारत की रणनीतिक संप्रभुता, तकनीकी उत्कृष्टता, और सुरक्षा तैयारियों का प्रमाण है। यह मिसाइल अब न केवल भारत को परमाणु त्रिकोण में मजबूती प्रदान करती है, बल्कि वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में भारत की स्थिति को और सशक्त बनाती है।
यह एक विकासशील है। अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें।
भारत ने ‘अग्नि-5’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया, परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल अब चीन और पाकिस्तान तक मार करने में सक्षम
Leave a comment
Leave a comment